Liquor Price Hike: शराब पीने वालों को बड़ा झटका: Budget 2026 के बाद 1000 की बोतल हुई और महंगी

punjabkesari.in Monday, Feb 02, 2026 - 08:37 AM (IST)

नेशनल डेस्क: वित्त मंत्री ने अपने नौवें बजट भाषण में शराब और सिगरेट जैसे उत्पादों पर करों का नया ढांचा पेश किया है। इस बार सरकार ने 'सिन टैक्स' (नुकसानदेह उत्पादों पर कर) की नीति को और सख्त कर दिया है। शराब के कारोबार से जुड़े TCS की दर को 1 प्रतिशत से बढ़ाकर 2 प्रतिशत कर दिया गया है। इसका सीधा मतलब यह है कि शराब की बिक्री के हर स्तर पर अब लागत बढ़ जाएगी, जिसका अंतिम भार आम जनता को उठाना होगा।

शराब की बोतलों पर पड़ेगा महंगाई का रंग

अगर हम कीमतों के गणित को समझें, तो 1000 रुपये वाली शराब की बोतल अब पुराने दाम पर मिलना मुश्किल होगा। चूंकि शराब पर एक्साइज ड्यूटी राज्य सरकारें भी लगाती हैं, इसलिए नई टैक्स व्यवस्था के बाद इसकी कीमत अलग-अलग प्रदेशों में अलग-अलग बढ़ेगी। जानकारों का अनुमान है कि जो बोतल पहले 1000 रुपये की थी, वह अब 1050 से 1100 रुपये के बीच बिक सकती है। यह बढ़ोतरी उन लोगों के लिए एक बड़ा वित्तीय बोझ है जो नियमित रूप से इसका सेवन करते हैं।

सिगरेट और तंबाकू पर लगा सेस का बोझ

सिगरेट पीने वालों के लिए यह बजट और भी कड़ा साबित हुआ है। सरकार ने सिगरेट पर 40 प्रतिशत की जीएसटी दर के साथ-साथ एक अतिरिक्त 'हेल्थ और नेशनल सिक्योरिटी सेस' भी लगा दिया है। इसके अलावा सिगरेट की लंबाई के हिसाब से प्रति स्टिक भी शुल्क बढ़ा दिया गया है। इससे एक सिगरेट पैकेट की कीमत में अच्छी खासी वृद्धि देखने को मिलेगी। हालांकि, बीड़ी को इस महंगाई से दूर रखा गया है ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और छोटे कामगारों को कोई बड़ी चोट न पहुंचे।

बजट का मिला-जुला असर: राहत और आफत

एक तरफ जहाँ नशा महंगा हुआ है, वहीं सरकार ने जनहित में कुछ बड़े कदम भी उठाए हैं। बजट में कैंसर की 17 जीवन रक्षक दवाओं पर कस्टम ड्यूटी पूरी तरह खत्म कर दी गई है, जिससे इनका इलाज सस्ता होगा। मोबाइल फोन, सोलर ग्लास, इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरियां और जूते-चप्पलों के दाम भी कम होने की उम्मीद है। इस प्रकार, सरकार ने विलासिता और हानिकारक वस्तुओं पर कर बढ़ाकर जन स्वास्थ्य और पर्यावरण से जुड़ी चीजों में राहत देने का प्रयास किया है।

 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Anu Malhotra

Related News