Budget 2026: बजट के बाद क्या सोना-चांदी की कीमतों में आएगी कमी? आम जनता को राहत की उम्मीद

punjabkesari.in Sunday, Jan 25, 2026 - 07:54 PM (IST)

नेशनल डेस्कः देश में सोना-चांदी की कीमतें ऐतिहासिक उच्च स्तर पर पहुंच चुकी हैं और निवेशक-बाजार विशेषज्ञ 1 फरवरी को पेश होने वाले यूनियन बजट 2026-27 के असर का इंतजार कर रहे हैं। बजट से गहनों पर टैक्स में राहत और डिजिटल गोल्ड को बढ़ावा मिलने की उम्मीदों ने आम जनता और निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ा दी है।

सोने-चांदी के दाम इस समय ऐतिहासिक उच्च स्तर के करीब हैं। शुक्रवार को एमसीएक्स पर सोने की कीमत 1,55,963 रुपये प्रति दस ग्राम और चांदी का भाव 3,34,600 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ। विशेषज्ञों का मानना है कि बजट पेश होने के बाद इनकी कीमतों में गिरावट देखने को मिल सकती है।

सोना-चांदी के बढ़ते दामों के कारण
सोने-चांदी की कीमतों में तेजी के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारक जिम्मेदार हैं। इनमें ग्रीनलैंड में तनाव, अमेरिकी डॉलर की कमजोरी और अमेरिकी फेडरल रिजर्व पर बढ़ता दबाव शामिल हैं। विशेषज्ञ बताते हैं कि जब बाजार में अनिश्चितता बढ़ती है, तो निवेशक सुरक्षित निवेश (Safe Haven) के तौर पर सोना और चांदी खरीदना पसंद करते हैं। कमोडिटी मार्केट के जानकारों का कहना है कि सरकार को बजट में टैक्स नियमों में कुछ राहत देने की जरूरत है। इससे डिजिटल गोल्ड के प्रति लोगों की रुचि बढ़ सकती है और आम जनता को भी लाभ मिलेगा।

ज्वेलरी पर जीएसटी दर और बजट से उम्मीदें
वर्तमान में देश में गहनों पर 3% जीएसटी लगाया जाता है। आम जनता और व्यापारियों की मांग है कि बजट में इसे कम किया जाए। इससे न सिर्फ गहनों की कीमतों में कमी आएगी बल्कि शादी, त्यौहार और उपहार के मौसम में लोगों की खरीदारी आसान हो जाएगी। इसके अलावा डिजिटल गोल्ड को बढ़ावा देने के लिए भी नए कदम उठाने की उम्मीद जताई जा रही है।

आम जनता पर असर
भारत में सोना और चांदी सिर्फ निवेश का माध्यम नहीं, बल्कि परंपरा और संस्कृति से भी जुड़ा है। शादी-ब्याह, तीज-त्यौहार और अन्य खास अवसरों पर लोग गहने खरीदते हैं। लगातार बढ़ती कीमतों के कारण आम लोगों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि बजट में जीएसटी दर में कमी से आम जनता को सीधे तौर पर राहत मिल सकती है।

 


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Content Editor

Sahil Kumar

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