Budget 2026: क्या है 1 फरवरी और बजट का ''सीक्रेट कनेक्शन''? जानें इसके पीछे का इतिहास
punjabkesari.in Saturday, Jan 24, 2026 - 05:19 PM (IST)
Budget 2026: जैसे-जैसे फरवरी का महीना करीब आ रहा है, देश की नजरें मोदी सरकार के आगामी 'आम बजट 2026-27' पर टिक गई हैं। वित्त मंत्री द्वारा पेश किए जाने वाले इस बजट से नौकरीपेशा से लेकर व्यापारियों तक को बड़ी उम्मीदें हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आखिर बजट हमेशा 1 फरवरी को ही क्यों पेश किया जाता है?
आखिर क्यों बदली गई तारीख?
आजादी के बाद दशकों तक भारत में बजट फरवरी के अंतिम कार्य दिवस (28 या 29 फरवरी) को पेश करने की परंपरा थी, जो ब्रिटिश काल से चली आ रही थी। हालांकि, साल 2017 में तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इस औपनिवेशिक परंपरा को तोड़ते हुए बजट की तारीख 1 फरवरी तय कर दी।
इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक कुशलता था। चूंकि नया वित्त वर्ष 1 अप्रैल से शुरू होता है, इसलिए फरवरी के अंत में बजट पेश होने से विधायी प्रक्रियाओं को पूरा करने में देरी होती थी। 1 फरवरी को बजट लाने से सरकार को 1 अप्रैल तक फंड आवंटित करने और नई योजनाओं को जमीन पर उतारने के लिए पूरे दो महीने का समय मिल जाता है।

म्यूचुअल फंड निवेशकों की नजरें बजट पर
बजट 2026 में म्यूचुअल फंड निवेशकों और मध्यम वर्ग को बड़ी राहत मिल सकती है। म्यूचुअल फंड कंपनियों के संगठन AMFI ने वित्त मंत्रालय को अपनी सिफारिशें सौंपी हैं। संगठन ने मांग की है कि:
- मध्यम वर्ग की बचत बढ़ाने के लिए टैक्स में छूट दी जाए।
- लॉन्ग टर्म निवेश को बढ़ावा देने के लिए पूंजीगत लाभ कर (Capital Gains Tax) के नियमों में बदलाव हो।
- रिटेल निवेशकों के लिए निवेश की प्रक्रिया को और सरल और लाभकारी बनाया जाए।
