20 साल के दिल्ली के युवक ने बनाई Bribes.fyi वेबसाइट, अब गुमनाम रहकर रिश्वत मांगने की कर सकेंगे शिकायत

punjabkesari.in Wednesday, Aug 19, 2026 - 02:01 AM (IST)

नई दिल्लीः देश में भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के खिलाफ लड़ाई में अब आधुनिक तकनीक एक बड़ा हथियार बनकर सामने आ रही है। दिल्ली के रहने वाले 20 वर्षीय टेक विशेषज्ञ (techie) आर्यन निषाद ने एक ऐसा अनोखा प्लेटफॉर्म तैयार किया है, जो नागरिकों को बिना अपनी पहचान उजागर किए (अनाम रूप से) रिश्वत की मांगों की रिपोर्ट करने की सुरक्षित सुविधा देता है। इस प्लेटफॉर्म का नाम 'Bribes.fyi' रखा गया है।

क्या है 'Bribes.fyi' और यह कैसे काम करता है?
इस प्लेटफॉर्म के जरिए कोई भी पीड़ित या नागरिक रिश्वत से जुड़े विवरण जैसे कि रिश्वत की राशि, स्थान, संबंधित सरकारी विभाग और सेवा की प्रकृति की जानकारी साझा कर सकता है। इन प्राप्त रिपोर्टों के आधार पर यह प्लेटफॉर्म एक सार्वजनिक डेटाबेस तैयार करता है, जिससे अलग-अलग सरकारी विभागों और स्थानों पर होने वाली कथित रिश्वतखोरी के तरीकों और पैटर्नों को आसानी से उजागर किया जा सके।

इसके अलावा, यह प्लेटफॉर्म नागरिकों को संबंधित भ्रष्टाचार विरोधी प्राधिकरणों (anti-corruption authorities) के समक्ष औपचारिक शिकायत दर्ज कराने के लिए शिकायत पत्र तैयार करने में भी मदद करता है। इस प्रकार, यह किसी नागरिक के व्यक्तिगत अनुभव को एक औपचारिक और मजबूत शिकायत में बदल देता है।

10 घंटे में 25 लाख रिक्वेस्ट और मिला भारी समर्थन
इस तकनीकी पहल को जनता का जबरदस्त समर्थन मिल रहा है। हाल ही में इस प्लेटफॉर्म पर ट्रैफिक में एक अभूतपूर्व उछाल देखा गया, जब महज 10 घंटों के भीतर इस पर 25 लाख (2.5 million) रिक्वेस्ट दर्ज की गईं।

मशहूर निवेशक और उद्यमी अनुपम मित्तल ने भी इस अनोखी पहल की सराहना की है। उन्होंने इसे शासन व्यवस्था (governance) और जवाबदेही (accountability) में सुधार लाने की दिशा में एक संभावित क्रांतिकारी (transformational) कदम बताया है।

प्रौद्योगिकी से पारदर्शिता की ओर कदम
यह प्रोजेक्ट स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि कैसे एक साधारण तकनीकी मंच भी आम नागरिकों को भ्रष्टाचार के मामलों को दर्ज करने और ऐसे कड़वे अनुभवों को सार्वजनिक रूप से अधिक दृश्यमान (visible) बनाने की शक्ति दे सकता है। हालांकि, इस मंच की कार्यप्रणाली को लेकर यह स्पष्ट किया गया है कि इस पर आने वाली रिपोर्टें लोगों द्वारा साझा किए गए आरोप (crowdsourced allegations) हैं, और इन्हें सीधे तौर पर किसी विशिष्ट अधिकारी या विभाग की गलती का स्वतः प्रमाण नहीं माना जा सकता है।


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Content Writer

Pardeep

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