DU लॉ फ़ैकल्टी में भूख हड़ताल का आठवां दिन, किस नियम में बदलाव की हो रही मांग?

punjabkesari.in Thursday, Aug 06, 2026 - 05:10 PM (IST)

दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) की लॉ फ़ैकल्टी के फ़ाइनल ईयर के छात्र अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के आठवें दिन में प्रवेश कर चुके हैं। छात्रों का विरोध एक ऐसे नियम के खिलाफ है, जिसके तहत फ़ाइनल ईयर के दौरान उन्हें पुराने एग्ज़ाम बैकलॉग क्लियर करने का मौका नहीं मिल पा रहा है। छात्रों का कहना है कि इस नियम के कारण उनकी डिग्री, बार काउंसिल में एनरोलमेंट और आगे की पढ़ाई की योजनाएं प्रभावित हो रही हैं।

कब बदली सप्लीमेंट्री परीक्षा की व्यवस्था?

छात्रों के अनुसार, वर्ष 2017 से पहले 3 वर्षीय LL.B. प्रोग्राम के फ़ाइनल ईयर के छात्र पहले और दूसरे साल के बचे हुए पेपरों को भी सप्लीमेंट्री परीक्षा के जरिए क्लियर कर सकते थे। यानी अगर किसी छात्र का कोई बैकलॉग बाकी था, तो वह फ़ाइनल ईयर में रहते हुए उसे पास करने का अवसर पा सकता था। लेकिन 2017 में लागू किए गए संशोधन के बाद सप्लीमेंट्री परीक्षा की सुविधा को केवल तीसरे साल के विषयों तक सीमित कर दिया गया। इसके बाद पहले और दूसरे साल के पुराने पेपरों में बैकलॉग रखने वाले छात्रों को उन्हें पास करने के लिए अगली नियमित टर्म-एंड परीक्षा का इंतजार करना पड़ता है।

एक पेपर की वजह से देरी

छात्रों का कहना है कि मौजूदा व्यवस्था का सबसे ज्यादा असर उन विद्यार्थियों पर पड़ रहा है, जिन्होंने लगभग पूरा कोर्स पूरा कर लिया है। एक छात्र जिसने LL.B. डिग्री के लिए जरूरी 30 में से 29 विषयों की परीक्षा पास कर ली  है, उसे भी केवल एक बचे हुए पेपर के कारण पूरी परीक्षा प्रक्रिया का इंतजार करना पड़ता है। छात्रों के मुताबिक, यह इंतजार कई बार 6 से 12 महीने तक बढ़ जाता है। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि देश की अधिकांश लॉ यूनिवर्सिटीज़ सभी सेमेस्टर के छात्रों को सप्लीमेंट्री परीक्षा का अवसर देती हैं। ऐसे में केवल एक विषय के बैकलॉग के कारण पूरी डिग्री रोकना छात्रों के भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव डालता है।

छात्रों की मुख्य मांगें क्या हैं?

भूख हड़ताल कर रहे छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने कई मांगें रखी हैं। इनमें सबसे प्रमुख मांग एक विशेष परीक्षा आयोजित करने की है।

छात्रों की मांग:

1. स्पेशल एग्ज़ाम का आयोजन

फ़ाइनल ईयर के छात्रों को एक बार विशेष परीक्षा का मौका दिया जाए, जिसमें वे चल रहे 5वें और 6वें सेमेस्टर की सप्लीमेंट्री परीक्षाओं के साथ पहले चार सेमेस्टर के पुराने बैकलॉग भी क्लियर कर सकें।

2. 2017 के संशोधन की समीक्षा

छात्र 2017 में लागू किए गए नियम की व्यापक समीक्षा की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि LL.B. कोर्स को एक इंटीग्रेटेड प्रोग्राम मानते हुए सभी सेमेस्टर के बैकलॉग क्लियर करने का समान अवसर मिलना चाहिए।


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News Editor

Rahul Rana

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