8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों की निकल पड़ी! 5 प्रमोशन की गारंटी और OPS पर आई बड़ी अपडेट, जानें JCM मीटिंग के नतीजे
punjabkesari.in Friday, Feb 27, 2026 - 12:50 PM (IST)
8th Pay Commission: केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए आठवें वेतन आयोग (8th CPC) को लेकर एक महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी में नेशनल काउंसिल (स्टाफ साइड) और जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) के बीच एक उच्च स्तरीय बैठक हुई। इस बैठक में कर्मचारियों की भविष्य की सुविधाओं और वेतन वृद्धि को लेकर कई बड़े प्रस्तावों पर चर्चा की गई।
प्रमोशन और पेंशन पर टिकी नजरें
बैठक में सबसे प्रमुख मुद्दा कर्मचारियों के करियर ग्रोथ का रहा। कर्मचारी संगठनों ने मांग रखी है कि सेवाकाल के दौरान कम से कम 5 प्रमोशन की गारंटी दी जाए। इसके अलावा, पुरानी पेंशन योजना (OPS) को आठवें वेतन आयोग के दायरे में फिर से बहाल करने की पुरजोर वकालत की गई है। फैमिली यूनिट की गणना को भी 3 से बढ़ाकर 5 करने का प्रस्ताव है, जिससे भत्तों और अन्य सुविधाओं पर सीधा असर पड़ेगा।

भत्तों में भारी बढ़ोतरी का रखा प्रस्ताव
कर्मचारियों की सेहत और तकनीकी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बैठक में कुछ विशेष बिंदु उठाए गए:
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CGHS में सुधार: नॉन-CGHS शहरों के लिए चिकित्सा प्रभार को मौजूदा 1,000 रुपये से बढ़ाकर सीधा 20,000 रुपये प्रति माह करने का सुझाव दिया गया है।
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डिजिटल अलाउंस: बदलते समय के साथ इंटरनेट जैसी अनिवार्य सेवाओं के लिए भी अलग से भत्ते की मांग की गई है।
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इंक्रीमेंट: सालाना वेतन वृद्धि (Annual Increment) की दरों को भी संशोधित करने पर विचार चल रहा है।
10 मार्च को एक और बैठक
ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लॉइज फेडरेशन (AIDEF) और सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लॉइज कन्फेडरेशन के प्रतिनिधियों के अनुसार, अगले 10 से 15 दिनों के भीतर सभी कर्मचारी संगठन अपनी मांगों का एक साझा मसौदा (Common Memorandum) तैयार करेंगे। इस पर अंतिम चर्चा के लिए 10 मार्च 2026 को एक और बैठक बुलाई गई है।
तैयार मेमोरेंडम को आठवें वेतन आयोग की अध्यक्ष, जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई को सौंपा जाएगा। इस ज्ञापन में न्यूनतम वेतन (Minimum Pay), फिटमेंट फैक्टर और पेंशनर्स की समस्याओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
क्या है JCM की भूमिका?
JCM यानी जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी सरकार और उसके लाखों कर्मचारियों के बीच सेतु का काम करती है। यह एक आधिकारिक मंच है जहाँ रेलवे, डिफेंस, पोस्टल और इनकम टैक्स जैसे विभागों के प्रतिनिधि अपनी मांगों को शासन के समक्ष रखते हैं। आठवें वेतन आयोग के गठन और उसकी सिफारिशों को अंतिम रूप देने में इस काउंसिल की भूमिका निर्णायक होने वाली है।
