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कर संग्रह में 22.5 प्रतिशत की कमी, अब तक 2.54 लाख करोड़ रुपये रहा कुल कर संग्रह: सूत्र

2020-09-16T23:31:57.317

मुंबई, 16 सितंबर (भाषा) चालू वित्त वर्ष में 15 सितंबर तक अग्रिम संग्रह समेत केंद्र सरकार का कुल कर संग्रह साल भर पहले की इसी अवधि की तुलना में 22.5 प्रतिशत कम रहकर 2,53,532.3 करोड़ रुपये रहा है। आयकर विभाग के एक सूत्र ने यह जानकारी दी।

अर्थशास्त्रियों ने इस आंकड़े को अपनी उम्मीदों के अनुरूप बताया और कहा कि कुल मिलाकर अर्थव्यवस्था की सुस्त गति को देखते हुए कुल कर संग्रह में पहली तिमाही की तुलना में मामूली सुधार की ही अपेक्षा थी।

जून तिमाही में कुल कर संग्रह में साल भर पहले की तुलना में 31 प्रतिशत की गिरावट रही थी। आयकर विभाग के मुंबई क्षेत्र के एक सूत्र ने बुधवार को पीटीआई-भाषा को फोन पर बताया कि पिछले वित्त वर्ष में 15 सितंबर 2019 तक कुल कर संग्रह 3,27,320.2 करोड़ रुपये रहा था।
हालांकि, उसने चालू तिमाही (दूसरी तिमाही) के लिये अग्रिम कर संग्रह के आंकड़ों को अलग से बताने से इनकार किया। सूत्र ने कहा कि यह आंकड़ा अभी अंतिम नहीं है क्योंकि बैंक दिन के अंत तक इसमें बदलाव कर सकते हैं। उसने इस साल किये गये अब तक के रिफंड तथा समग्र संग्रह की भी जानकारी नहीं दी।

चालू वित्त वर्ष की जून में खत्म हुई पहली तिमाही के दौरान कुल कर संग्रह 31 प्रतिशत नीचे रहा था। इस दौरान कर संग्रह 1,37,825 करोड़ रुपये रहा था। अग्रिम कर में इस दौरान 76 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई।
इस वित्त वर्ष में 15 सितंबर तक के कुल संग्रह में व्यक्तिगत आयकर 1,47,004.6 करोड़ रुपये और कॉरपोरेट आयकर कर 99,126.2 करोड़ रुपये रहा। ये दोनों राजस्व संग्रह के प्रमुख घटक हैं और इन दोनों को मिलाकर कुल कर संग्रह 2,46,130.8 करोड़ रुपये रहा। कर राजस्व के अन्य दो हिस्सों में प्रतिभूति लेनदेन कर है, जिसमें अकेले मुंबई से ही 7,078.9 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। समानीकरण शुल्क 487 करोड़ से बढ़कर 504.4 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
कुल संग्रह में 22.5 प्रतिशत की गिरावट रही है जिसमें सर्वाधिक गिरावट मुंबई क्षेत्र में 13.9 प्रतिशत रही। मुंबई अभी भी कोरोना वायरस महामारी से सर्वाधिक प्रभावित बना हुआ है। मुंबई में कर का कुल संग्रह साल भर पहले की तुलना में 13.9 प्रतिशत गिरकर 74,789.6 करोड़ रुपये रहा। इसमें व्यक्तिगत आयकर 34,808.8 करोड़ रुपये और कॉरपोरेट आयकर 32,921.2 करोड़ रुपये रहा।

सूत्र के अनुसार, प्रमुख क्षेत्रों में बेंगलुरू अकेला ऐसा रहा, जहां सालाना आधार पर कर के कुल संग्रह में वृद्धि दर्ज की गयी। बेंगलुरू का कुल कर संग्रह साल भर पहले के 36,986 करोड़ रुपये से 9.9 प्रतिशत बढ़कर 40,665.3 करोड़ रुपये हो गया। इस दौरान कोच्चि का कुल कर संग्रह 49 प्रतिशत की भारी भरकम गिरावट के साथ 3,214.7 करोड़ रुपये रह गया।

रेटिंग एजेंसी इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने संपर्क करने पर पीटीआई-भाषा से कहा कि कर राजस्व के रुझान कई अन्य वृहद संकेतकों के रुझान के अनुरूप है। सकल घरेलू उत्पाद में गिरावट भी पहली तिमाही की तुलना में कम रहेगी। हम इस तिमाही में जीडीपी में 11 से 13 प्रतिशत गिरावट का अनुमान लगा रहे हैं।’’
इंडिया रेटिंग्स के मुख्य अर्थशास्त्री डीके पंत ने इसी तरह की राय व्यक्त करते हुए कहा कि कर संग्रह में क्रमिक सुधार आर्थिक गतिविधियों में आ रहे सुधार पर निर्भर करता है और यह उम्मीद के मुताबिक है। ‘‘पूरे साल की यदि बात की जाये तो कर के आंकड़े कुछ और सुधर सकते हैं लेकिन वित्त वर्ष की समाप्ति तक यह आंकड़ा 12 से 15 प्रतिशत कम रह सकता है। पहली तिमाही में 31 प्रतिशत कमी रही, दूसरी में यह 22.5 प्रतिशत कम रहा, तीसरी तिमाही में और सुधरकर 17 से 18 प्रतिशत पर आ सकता है और वर्ष की समाप्ति 12 से 15 प्रतिशत गिरावट के साथ हो सकती है। चाहे राजस्व की बात हो या फिर समग्र आर्थिक वृद्धि की यह एकदम तीव्र गति से सुधरने वाली रफ्तार नहीं होगी।’’

यह आर्टिकल पंजाब केसरी टीम द्वारा संपादित नहीं है, इसे एजेंसी फीड से ऑटो-अपलोड किया गया है।

Edited By

PTI News Agency

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