कौन था फिरौन? जिसका हजारों सालों बाद पानी से बाहर आ रहा शहर...वो राजा जो खुद को मानता था भगवान

punjabkesari.in Sunday, Aug 31, 2025 - 06:21 AM (IST)

इंटरनेशनल डेस्कः हाल ही में मिस्र के अबू किर खाड़ी (Abu Qir Bay) में पानी के अंदर दबा एक प्राचीन शहर बाहर निकल रहा है। खुदाई के दौरान वहां कई प्राचीन इमारतें, मूर्तियां और ऐतिहासिक चीज़ें मिली हैं। इन चीज़ों को मिस्र के शाही और पूर्व-रोमन काल से जोड़ा जा रहा है। इस खोज ने एक बार फिर ‘फिरौन’ के नाम को चर्चा में ला दिया है।

कौन था फिरौन?

‘फिरौन’ मिस्र के उन राजाओं को कहा जाता था जो बहुत शक्तिशाली और तानाशाह होते थे। लेकिन इस नाम का सबसे ज़्यादा ज़िक्र धार्मिक ग्रंथों – कुरान, बाइबिल और तोराह – में आता है। इन ग्रंथों में फिरौन को एक बेहद क्रूर, घमंडी और खुद को भगवान मानने वाला शासक बताया गया है।

मिस्र में उस समय इस्राएलियों (Bani Israel) का एक कबीला रहता था। फिरौन ने उन पर कई तरह के अत्याचार किए – उन्हें गुलाम बनाया, उनसे जबरदस्ती काम करवाया और उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया।

भविष्यवाणी और बच्चों की हत्या

कहा जाता है कि एक दिन यह भविष्यवाणी हुई कि एक बच्चा जन्म लेगा जो फिरौन की सल्तनत को खत्म कर देगा। यह सुनकर फिरौन घबरा गया। उसने आदेश दिया कि मिस्र में पैदा होने वाले सभी नवजात लड़कों को मार दिया जाए।

हज़रत मूसा (Moses) का जन्म

इसी समय हज़रत मूसा (Hazrat Musa/Moses) का जन्म हुआ। अपनी जान बचाने के लिए उनकी मां ने उन्हें एक टोकरी में रखकर नदी में छोड़ दिया।

यह टोकरी बहते हुए फिरौन के महल के पास पहुंच गई, जहां फिरौन की पत्नी (कहा जाता है नाम आयशा या आसिया था) ने उस बच्चे को देखा और उसे गोद लेने का फैसला किया।

हालांकि फिरौन पहले उस बच्चे को मारना चाहता था, लेकिन उसकी पत्नी ने कहा कि "ये सिर्फ एक मासूम बच्चा है।" इसके बाद मूसा की परवरिश फिरौन के महल में ही हुई, लेकिन उन्हें बाद में अपने असली उद्देश्य का अहसास हुआ।

हज़रत मूसा ने किया फिरौन का अंत

हज़रत मूसा और उनके भाई हज़रत हारून ने लोगों को फिरौन के जुल्म से बचाने का काम शुरू किया। मूसा को अल्लाह की तरफ से एक चमत्कारी छड़ी दी गई थी, जिससे वो कई चमत्कार कर सकते थे।

जब मूसा अपने लोगों को लेकर मिस्र से बाहर निकल रहे थे, तब फिरौन ने उनका पीछा किया। मूसा ने समंदर के बीच छड़ी मारकर रास्ता बना दिया और अपनी कौम को पार करा दिया। लेकिन जब फिरौन अपनी सेना के साथ उसी रास्ते से पार करने लगा, तो समुद्र वापस मिल गया और फिरौन अपनी पूरी सेना समेत डूब गया।

फिरौन का शव कैसे मिला?

इस घटना के बाद कहा जाता है कि फिरौन का शव न तो पानी ने स्वीकार किया और न ही धरती ने। उसका शरीर बहकर किनारे आ गया। आज भी माना जाता है कि फिरौन की ममी किसी मिस्र के संग्रहालय या संरक्षित जगह में सुरक्षित रखी गई है।

इसका उल्लेख कुरान में भी है:"आज हम तेरे शरीर को बचाएंगे, ताकि तू उन लोगों के लिए सबक बन जाए जो तेरे बाद आएंगे।" 

अब क्यों चर्चा में है फिरौन?

अबू किर खाड़ी से निकल रही प्राचीन सभ्यता ने एक बार फिर इतिहास के पन्नों को खोल दिया है। जिस तरह से मूर्तियां, मंदिर और इमारतें सामने आ रही हैं, वो मिस्र की खोई हुई सभ्यता और फिरौन जैसे शासकों की कहानी बयां कर रही है।

ये खुदाई इतिहास, धर्म और सभ्यता – तीनों को एक साथ जोड़ती है। यह न सिर्फ पुरातत्व की बड़ी खोज है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक चेतावनी है कि अहंकार और अन्याय का अंत निश्चित है, चाहे राजा कोई भी हो।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

Pardeep

Related News