फिर उठे सवालः ईरान का असली मालिक कौन? मोजतबा खामेनेई जिंदा हैं या सिर्फ....! US-Israel की खुफिया एजेंसियां लगा रहीं सुराग
punjabkesari.in Sunday, Mar 22, 2026 - 05:15 PM (IST)
International Desk: मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच ईरान की सत्ता को लेकर बड़ा सस्पेंस बना हुआ है। नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई अब तक सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं, जिससे उनकी स्थिति पर फिर कई सवाल खड़े हो गए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के हमलों में पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी। इसके बाद 9 मार्च को मोजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर घोषित किया गया। लेकिन अब सवाल ये उठ रहे हैं कि क्या वो भी जिंदा हैं या फिर उनके नाम और चेहरे पर सत्ता चलाई जा रही है।

ईरान की असली सत्ता किसके हाथ
हालांकि, दावा किया जा रहा है कि उसी हमले में मोजतबा भी गंभीर रूप से घायल हुए थे। यही कारण बताया जा रहा है कि वह अब तक सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए। उनके दो बयान जरूर सामने आए, लेकिन दोनों बार किसी और ने पढ़कर सुनाए। इस बीच सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि ईरान की असली सत्ता किसके हाथ में है। कई अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स के अनुसार, इस समय IRGC यानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के पास असली नियंत्रण हो सकता है, जबकि मोजतबा केवल औपचारिक नेता हैं। देश की स्थिति तब और गंभीर हो गई जब हाल के दिनों में ईरान के कई बड़े नेता हमलों में मारे गए इनमें गुलामरजा सुलेमानी और अली लारीजानी जैसे नाम शामिल हैं।

मोजतबा खामेनेई ने नवरोज़ की परंपरा तोड़ी
इस बात को हवा तब मिली जब शुक्रवार को उम्मीद थी कि नवरोज़ के मौके पर मोजतबा किसी वीडियो या ऑडियो संदेश के ज़रिए सीधे जनता को संबोधित करेंगे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। इसके बजाय, केवल एक लिखित बयान और उसके साथ कुछ तस्वीरें जारी की गईं। यह स्पष्ट नहीं था कि ये तस्वीरें कब ली गई थीं, जिससे उनके स्वास्थ्य और सत्ता पर उनकी पकड़ को लेकर अटकलें और तेज़ हो गईं।
CIA और मोसाद सुरागों की तलाश में
Axios की एक रिपोर्ट, जिसमें अमेरिकी और इज़राइली अधिकारियों का हवाला दिया गया है, के अनुसार CIA, मोसाद और अन्य खुफिया एजेंसियां ईरान के नए नेता के ठिकाने, उनकी हालत और ईरान के युद्ध प्रयासों में उनकी भूमिका की जांच कर रही हैं। एक वरिष्ठ इज़राइली अधिकारी ने Mojtaba का ज़िक्र करते हुए Axios को बताया, "हमारे पास ऐसा कोई सबूत नहीं है कि असल में वही आदेश दे रहे हैं।"

'हद से ज़्यादा अजीब'
एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि मोजतबा खामेनेई को लेकर जो रहस्य बना हुआ है, वह "हद से ज़्यादा अजीब" है। उन्होंने आगे कहा कि ईरान उन्हें सर्वोच्च नेता बनाने की इतनी ज़हमत नहीं उठाता, लेकिन साथ ही यह भी जोड़ा कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि युद्ध के इस दौर में शासन की बागडोर उन्हीं के हाथों में है। अधिकारी ने कहा, "यह बात हद से ज़्यादा अजीब है। हमें नहीं लगता कि ईरानी लोग किसी मृत व्यक्ति को सर्वोच्च नेता चुनने के लिए इतनी सारी परेशानियाँ उठाते, लेकिन साथ ही, हमारे पास इस बात का भी कोई सबूत नहीं है कि शासन की कमान असल में वही संभाल रहे हैं।"
ईरान की लगातार जवाबी कार्रवाई
इसके बावजूद ईरान लगातार जवाबी कार्रवाई कर रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने और मिसाइल हमले जारी रखने से यह साफ है कि देश की सैन्य क्षमता अभी भी सक्रिय है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि किसी एक व्यक्ति की मौजूदगी या गैरमौजूदगी से देश नहीं रुकता। पूरी स्थिति में सबसे बड़ा सवाल यही है क्या ईरान की ताकत उसकी सैन्य व्यवस्था में है या यह अंदरूनी अस्थिरता का संकेत है? आने वाले समय में यह स्पष्ट होगा कि तेहरान की असली कमान किसके हाथ में है।
