US का बड़ा ऐलान: मोजतबा खामेनेई समेत इन नेताओं के बारे में जानकारी देने वाले को मिलेगा करोड़ों का इनाम
punjabkesari.in Saturday, Mar 14, 2026 - 12:06 AM (IST)
इंटरनेशनल डेस्कः अमेरिका ने ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े कई शीर्ष अधिकारियों के बारे में जानकारी देने पर 10 मिलियन डॉलर (लगभग 92 करोड़ 47 लाख 48 हजार रुपये) तक का इनाम घोषित किया है।
यह घोषणा शुक्रवार को अमेरिकी विदेश विभाग के Rewards for Justice Program के तहत की गई। यह कार्यक्रम U.S. Department of State की डिप्लोमेटिक सिक्योरिटी सर्विस द्वारा चलाया जाता है। कार्यक्रम के बयान में कहा गया है कि जिन लोगों पर इनाम रखा गया है वे IRGC के विभिन्न हिस्सों का नेतृत्व करते हैं और दुनिया भर में आतंकवादी गतिविधियों की योजना बनाने, उन्हें संगठित करने और अंजाम देने में भूमिका निभाते हैं।
Got information on these Iranian terrorist leaders?
— Rewards for Justice (@RFJ_USA) March 13, 2026
Send us a tip. It could make you eligible for a reward and relocation. pic.twitter.com/y7avkqdGWw
बयान में यह भी कहा गया कि यदि किसी के पास इन नेताओं या IRGC के अन्य प्रमुख अधिकारियों से जुड़ी जानकारी है तो वह Tor आधारित टिपलाइन या Signal के जरिए अमेरिका को जानकारी दे सकता है। ऐसी जानकारी देने वाले व्यक्ति को इनाम के साथ-साथ किसी अन्य देश में सुरक्षित स्थान पर बसाने (Relocation) की सुविधा भी दी जा सकती है।
इन ईरानी नेताओं के नाम भी सूची में शामिल
अमेरिका की इस सूची में कई बड़े ईरानी नेताओं के नाम शामिल हैं। इनमें ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई, सुप्रीम लीडर के कार्यालय के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ अली असगर हेजाज़ी, और ईरान के सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी जैसे नाम शामिल बताए गए हैं।
सूचना जारी करते समय कुछ लोगों की तस्वीरें उपलब्ध नहीं होने के कारण उनकी जगह केवल सिल्हूट (छाया चित्र) दिखाए गए हैं।
अमेरिका-इजरायल के हमलों के बीच आया ऐलान
यह इनाम उस समय घोषित किया गया है जब अमेरिका और इजरायल की ओर से Iran पर हवाई हमलों का अभियान लगातार तीसरे सप्ताह में पहुंच चुका है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक इंटरव्यू में कहा कि आने वाले दिनों में अमेरिकी सेना ईरान के ठिकानों पर और भी ज्यादा तेज और बड़े हमले करेगी। ट्रंप ने कहा, “अगले हफ्ते हम उन पर बहुत जोरदार तरीके से हमला करने जा रहे हैं।”
28 फरवरी से शुरू हुआ युद्ध
अमेरिका और उसके सहयोगियों ने 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ बड़ा सैन्य अभियान शुरू किया था। शुरुआती हमलों में ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर Ali Khamenei की मौत हो गई थी, जिसके बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को देश का नया सुप्रीम लीडर बनाया गया। इसी घटना के बाद पूरे क्षेत्र में संघर्ष तेजी से फैल गया और खाड़ी देशों तक इसका असर देखने को मिला।
15,000 से ज्यादा ठिकानों पर हमले
अमेरिकी रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने बताया कि अमेरिका और इजरायल की संयुक्त कार्रवाई में अब तक 15,000 से ज्यादा ठिकानों पर हमला किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की वायुसेनाओं ने मिलकर औसतन हर दिन 1,000 से ज्यादा लक्ष्यों को निशाना बनाया है। हेगसेथ के अनुसार इन हमलों से ईरान की जवाबी क्षमता को काफी नुकसान हुआ है। उनके मुताबिक ईरान की मिसाइलें, लॉन्चर और ड्रोन लगातार नष्ट किए जा रहे हैं या हवा में ही मार गिराए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि युद्ध की शुरुआत के बाद से ईरान की मिसाइल हमलों की संख्या करीब 90 प्रतिशत और ड्रोन हमले 95 प्रतिशत तक घट गए हैं।
हमले में घायल हुआ नया सुप्रीम लीडर
हेगसेथ ने यह भी कहा कि 28 फरवरी को हुए हमले में मोजतबा खामेनेई घायल हो गए थे और संभव है कि उनका चेहरा भी बुरी तरह प्रभावित हुआ हो। हालांकि ईरानी अधिकारियों ने केवल यह पुष्टि की है कि वे घायल हुए थे, लेकिन उनकी चोटों के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी गई है। नए सुप्रीम लीडर बनने के बाद से वह अभी तक सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दिए हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से वैश्विक बाजार में हलचल
इस युद्ध का असर वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर भी पड़ा है। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही लगभग रोक दी है। यह समुद्री रास्ता बेहद अहम है क्योंकि दुनिया के कुल तेल आपूर्ति का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। तनाव बढ़ने के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई है और शेयर बाजारों में भी भारी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है।
