इजरायल ने अमेरिका-ईरान समझौते पर उठाए सवाल, कहा- ''ट्रंप ने जो वादा किया था यह वो डील ही नहीं''
punjabkesari.in Tuesday, Jun 16, 2026 - 07:17 PM (IST)
International Desk:अमेरिका और ईरान के बीच हुए नए शांति समझौते को लेकर इजरायल में चिंता और असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। इजरायल सरकार के पूर्व प्रवक्ता एलोन लेवी ने समझौते की आलोचना करते हुए कहा कि यह वह "बिना शर्त आत्मसमर्पण" नहीं है, जिसका वादा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने किया था। लेवी ने कहा कि इजरायल में इस समझौते को लेकर गहरी निराशा है क्योंकि यह ईरान के परमाणु कार्यक्रम को समाप्त नहीं करता, बल्कि केवल बातचीत को आगे के लिए टाल देता है।
लेवी ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि यह समझौता दरअसल Strait of Hormuz को फिर से खोलने के बदले ईरान को आर्थिक लाभ देने जैसा है। उनके अनुसार, इससे दुनिया का वह दबाव कमजोर पड़ जाएगा जो ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकने के लिए बनाया गया था। पूर्व प्रवक्ता ने आशंका जताई कि यदि ईरान पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों में ढील दी गई और उसे बड़ी वित्तीय राहत मिली, तो वह उस धन का उपयोग अपनी बैलिस्टिक मिसाइलों और क्षेत्रीय सहयोगी समूहों को मजबूत करने में कर सकता है। उन्होंने कहा कि भले ही परमाणु कार्यक्रम कुछ समय के लिए रुक जाए, लेकिन आर्थिक ताकत मिलने पर ईरान भविष्य में और अधिक शक्तिशाली होकर लौट सकता है।
लेवी ने कहा कि ट्रंप जिस व्यापक समझौते या ईरान की पूर्ण रणनीतिक हार की बात कर रहे थे, यह उससे बहुत दूर है। उन्होंने कहा, "यह न तो ईरान को नियंत्रित करने वाला व्यापक समझौता है और न ही ईरानी शासन को कमजोर करने की कोई योजना। इसके विपरीत यह इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के आर्थिक विकास को समर्थन देने का वादा प्रतीत होता है।" उधर ईरान के विदेश मंत्रीअब्बास अराघची ने घोषणा की है कि युद्ध समाप्त हो चुका है और अमेरिका-ईरान समझौते पर हस्ताक्षर के बाद शनिवार से औपचारिक वार्ता शुरू होगी।
उन्होंने कहा कि 60 दिनों तक चलने वाली वार्ता का उद्देश्य परमाणु मुद्दों और प्रतिबंधों को हटाने से जुड़े अंतिम समझौते तक पहुंचना है। अराघची ने यह भी चेतावनी दी कि लेबनान पर कोई नया इजरायली हमला या कब्जा समझौते का उल्लंघन माना जाएगा। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि वह अभी तक समझौते का पूरा विवरण नहीं जानते, लेकिन एक बात स्पष्ट है ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिया जाएगा। नेतन्याहू ने कहा, "समझौता हो या न हो, ईरान परमाणु हथियार नहीं बना सकेगा। जब तक मैं प्रधानमंत्री हूं, ऐसा नहीं होने दूंगा।"
