अमेरिका: मिनियापोलिस में फेडरल एजेंट्स की गोलीबारी से एक व्यक्ति की मौत, इस महीने दूसरी घटना से मचा बवाल

punjabkesari.in Sunday, Jan 25, 2026 - 06:15 AM (IST)

इंटरनेशनल डेस्कः अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की कड़ी आव्रजन नीति को लेकर तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी बीच मिनेसोटा राज्य के मिनियापोलिस शहर में संघीय अधिकारियों की गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई। इस घटना के बाद शहर में जबरदस्त विरोध प्रदर्शन देखने को मिले।

आव्रजन कार्रवाई के दौरान चली गोली

मिनेसोटा के गवर्नर टिम वाल्ज ने बताया कि यह गोलीबारी ट्रंप प्रशासन की आव्रजन संबंधी कार्रवाई के दौरान हुई। अस्पताल के रिकॉर्ड से पुष्टि हुई है कि गोली लगने के बाद उस व्यक्ति की मौत हो गई। वहीं, अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग के एक प्रवक्ता ने दावा किया कि जिस व्यक्ति को गोली मारी गई, उसके पास हथियार और कारतूस मौजूद थे।

सड़कों पर उतरे हजारों प्रदर्शनकारी

इस घटना से नाराज होकर हजारों लोग कड़ाके की ठंड के बावजूद मिनियापोलिस की सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने संघीय एजेंसियों के खिलाफ नारे लगाए और शहर छोड़ने की मांग की। लोगों का कहना है कि आव्रजन के नाम पर अत्यधिक सख्ती और दमन किया जा रहा है।

गवर्नर टिम वाल्ज ने ट्रंप से की बात

गवर्नर वाल्ज ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया कि गोलीबारी के बाद उन्होंने व्हाइट हाउस से संपर्क किया। उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से अपील की कि मिनेसोटा में चल रही दमनकारी आव्रजन कार्रवाई को तुरंत रोका जाए।

कौन थे एलेक्स जेफ्री प्रेट्टी?

गोलीबारी में मारे गए व्यक्ति की पहचान एलेक्स जेफ्री प्रेट्टी के रूप में हुई है। परिवार के मुताबिक एलेक्स वेटरन्स अफेयर्स (VA) अस्पताल में ICU नर्स थे। वे मरीजों की जान बचाने में गर्व महसूस करते थे। लोगों की मदद करना उनका स्वभाव था। परिवार ने बताया कि एलेक्स अपने शहर में ट्रंप सरकार की आव्रजन नीति से बेहद दुखी थे और इसी कारण विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लेते थे।

कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं

परिवार और अदालत के रिकॉर्ड के अनुसार एलेक्स अमेरिकी नागरिक थे। उनका जन्म इलिनोइस में हुआ था, उनके खिलाफ कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था और सिर्फ कुछ मामूली ट्रैफिक चालान ही दर्ज थे। वे इस महीने की शुरुआत में रेनी गुड की हत्या के बाद हुए विरोध प्रदर्शनों में भी शामिल हुए थे।

पिता ने बताया—बेटा बहुत परेशान था

एलेक्स के पिता माइकल प्रेट्टी ने कहा: “मिनियापोलिस और पूरे अमेरिका में ICE जो कर रही है, उससे वह बहुत दुखी था। उसे लगता था कि विरोध प्रदर्शन करना दूसरों के लिए अपनी परवाह दिखाने का तरीका है।”

माता-पिता ने किया था सावधान

कुछ हफ्ते पहले माता-पिता ने एलेक्स से कहा था कि अगर वह विरोध प्रदर्शन में जाएं तो सावधानी रखें। पिता ने बताया: “हमने उससे कहा था—विरोध करो, लेकिन किसी से उलझना मत। उसने कहा था कि वह सावधान रहेगा।”

एलेक्स के पास थी पिस्टल

गृह सुरक्षा विभाग के अनुसार, गोली तब चलाई गई जब एलेक्स 9 मिमी की सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल लेकर सीमा गश्ती अधिकारियों के पास जाने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि अधिकारियों ने यह साफ नहीं किया कि एलेक्स ने बंदूक दिखाई थी या नहीं। एसोसिएटेड प्रेस को मिले वीडियो में भी बंदूक नजर नहीं आती। 

परिवार ने बताया कि एलेक्स के पास कानूनी रूप से लाइसेंस प्राप्त बंदूक थी। मिनेसोटा में उन्हें हथियार रखने की अनुमति थी और परिवार ने उन्हें कभी बंदूक इस्तेमाल करते नहीं देखा था।

रिपोर्टर से मिली मौत की खबर

परिवार को एलेक्स की मौत की जानकारी सबसे पहले एक रिपोर्टर के फोन कॉल से मिली। उन्होंने वीडियो देखा और शक हुआ कि मृत व्यक्ति उनका बेटा ही है। इसके बाद परिवार ने स्थानीय पुलिस, बॉर्डर पेट्रोल और अस्पताल सबसे संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन किसी ने स्पष्ट जानकारी नहीं दी। आखिर में हेनेपिन काउंटी मेडिकल एग्जामिनर ने नाम और हुलिए के आधार पर शव की पुष्टि की।

पूरे अमेरिका में गुस्सा

इस घटना ने एक बार फिर अमेरिका में आव्रजन नीति, पुलिस बल के इस्तेमाल और नागरिक अधिकारों पर बहस को तेज कर दिया है। मिनियापोलिस के साथ-साथ देश के कई हिस्सों में आक्रोश और चिंता का माहौल है।

 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

Pardeep

Related News