War Live: रूस का क्रेमिन्ना शहर पर कब्जा; रूसी विदेश मंत्री ने दी तीसरे विश्व युद्ध की चेतावनी, आज पुतिन से मिलेंगे  UN महासचिव

punjabkesari.in Tuesday, Apr 26, 2022 - 12:07 PM (IST)

इंटरनेशनल डेस्कः पिछले दो महीने से जारी रूस-यूक्रेन जंग के  बीच सोमवार को रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने यूक्रेन के साथ शांति वार्ता जारी रखने की बात तो की लेकिन साथ ही तृतीय विश्व युद्ध के "वास्तविक" खतरे की चेतावनी भी दे डाली।  लावरोवी ने शांति वार्ता को लेकर यूक्रेन के नजरिए की आलोचना करते हुए कहा, "अच्छी इच्छा की अपनी सीमाएं होती हैं  लेकिन अगर यह दोनों तरफ से बराबर नहीं है तो यह बातचीत की प्रक्रिया में मदद नहीं करता है। "

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  • ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि रूसी सेना ने यूक्रेन के क्रेमिन्ना शहर पर कब्जा कर लिया है। यूक्रेन के लुहान्स्क क्षेत्र के शहर में कई दिनों से लड़ाई चल रही थी और युद्ध के कारण वहां से नागरिकों को निकालना असंभव हो गया था।

  •  ब्रिटेन की सेना ने मंगलवार तड़के एक ट्वीट में कहा, ‘‘ क्रेमिन्ना शहर पर कथित तौर पर कब्जा कर लिया गया है और ईज़्यूम के दक्षिण में भारी लड़ाई की सूचना मिली है। रूसी सेना उत्तर और पूर्व से स्लोवियनस्क और क्रामातोरस्क शहरों की ओर बढ़ने की कोशिश कर रही है।''

  • यूक्रेन की सरकार ने तत्काल इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दी है। रूस ने कुछ दिन पहले ही शहर पर कब्जा करने का दावा किया था। क्रेमिन्ना, यूक्रेन की राजधानी कीव से 575 किलोमीटर दूर दक्षिण-पूर्व में स्थित है।

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  •  एंटोनियो गुटेरेस आज रूस की राजधानी मास्को का दौरा करेंगे>यहां उनकी मुलाकात रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से होगी । बता दें कि गुटेरेस 28 अप्रैल को यूक्रेन की राजधानी कीव का दौरा करेंगे जहां उनकी मुलाकात यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की से होगी।

  •  उधर, रूस की सेना के पूर्वी क्षेत्र से दूर यूक्रेन में अन्य स्थानों पर मिसाइलों और युद्धक विमानों से हमले कर रेल और ईंधन प्रतिष्ठानों को निशाना बनाए जाने के बीच मॉस्को के शीर्ष राजनयिक ने तीसरे विश्व युद्ध को भड़काने के खिलाफ यूक्रेन को चेतावनी दी और कहा कि परमाणु संघर्ष के खतरे को “कम करके नहीं आंका जाना चाहिए”।

  • अमेरिका ने इस बीच यूक्रेन को और हथियार देने की घोषणा की है और कहा कि पश्चिमी सहयोगियों की मदद से दो माह से चल रहे युद्ध में असर पड़ा है। माना जा रहा है कि ये हमले इन्हीं नयी मदद को रोकने के लिए किए गए हैं।

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  • यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से मिलने के लिए रक्षा मंत्री के साथ कीव का दौरा करने के एक दिन बाद अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने घोषणा की थी, “रूस नाकाम हो रहा है। यूक्रेन सफल हो रहा है।”

  • अमेरिका ने यूक्रेन को हथियार और अन्य साजोसामान मुहैया कराने के लिये सहायता की भी घोषणा की थी। अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने कहा था, “हम यूक्रेन को एक संप्रभु देश के रूप में देखना चाहते हैं। एक लोकतांत्रिक देश अपने संप्रभु क्षेत्र की रक्षा करने में सक्षम है। हम रूस को उस बिंदु तक कमजोर देखना चाहते हैं जहां वह यूक्रेन पर हमले जैसे कदम न उठा सके।” 

  • ऑस्टिन की टिप्पणी व्यापक अमेरिकी रणनीतिक लक्ष्यों में बदलाव का प्रतिनिधित्व करती प्रतीत होती है। पहले, अमेरिका का रुख था कि अमेरिकी सैन्य सहायता का लक्ष्य यूक्रेन को जीतने में मदद करना और यूक्रेन के नाटो पड़ोसियों को रूसी खतरों से बचाना था। 

 

यूक्रेनी नेताओं पर रूस को उकसाने का आरोप
 ऑस्टिन को एक स्पष्ट प्रतिक्रिया में, रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि रूस को “प्रतीत होता है कि पश्चिम चाहता है कि यूक्रेन लड़ाई जारी रखे और, जैसा कि उन्हें लगता है कि यह रूसी सेना और रूसी सैन्य उद्योग को समाप्त कर देगा। यह एक भ्रम है।” उन्होंने कहा कि पश्चिमी देशों द्वारा की गई हथियारों की आपूर्ति “एक वैध लक्ष्य” है और रूसी बलों ने पहले ही पश्चिमी यूक्रेन में हथियारों के भंडारगृह को निशाना बनाया है। लावरोव ने यूक्रेनी नेताओं पर नाटो को संघर्ष में शामिल होने के लिए कहकर रूस को उकसाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि नाटो प्रभावी रूप से “छद्म रूप से रूस के साथ युद्ध में शामिल है और परदे के पीछे से हथियार मुहैया करा रहा है।”

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आग में घी डाल रही है नाटो सेना  
 उन्होंने रूसी टेलीविजन पर एक व्यापक साक्षात्कार में कहा “हर कोई यही कह रहा है कि हम किसी भी स्थिति में तीसरे विश्व युद्ध की अनुमति नहीं दे सकते।” रूसी विदेश मंत्रालय की वेबसाइट पर एक प्रतिलेख (ट्रांसक्रिप्ट) के अनुसार, लावरोव ने कहा, हथियार उपलब्ध कराकर नाटो सेना “आग में घी डाल रही है।” परमाणु टकराव की आशंका के बारे में लावरोव ने कहा, “खतरा गंभीर है, यह वास्तविक है। इसे कम करके नहीं आंका जाना चाहिए।” यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा ने ट्विटर पर कहा कि लावरोव की टिप्पणी यूक्रेन की पश्चिमी मदद की आवश्यकता को रेखांकित करती है: “रूस, यूक्रेन का समर्थन करने से दुनिया को डराने की आखिरी उम्मीद खो चुका है।  


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Content Writer

Tanuja

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