यूक्रेन से वेनेजुएला तक ट्रंप-स्टारमर का खेल ! रूसी तेल टैंकर रोकने में ब्रिटेन ने दिया अमेरिका का साथ, नॉर्थ अटलांटिक हाई-सी ड्रामा की खुली पोल
punjabkesari.in Thursday, Jan 08, 2026 - 05:26 PM (IST)
International Desk: यूक्रेन युद्ध से लेकर वेनेजुएला संकट तक, वैश्विक राजनीति में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर की जुगलबंदी अब खुलकर सामने आ गई है। नॉर्थ अटलांटिक महासागर में एक रूसी झंडे वाले तेल टैंकर को रोकने की अमेरिकी कार्रवाई में ब्रिटेन ने प्रत्यक्ष सैन्य सहयोग देकर इस “हाई-सी ड्रामा” की पोल खोल दी है। ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, अमेरिका के अनुरोध पर रॉयल एयर फोर्स (RAF) के निगरानी विमान और रॉयल नेवी का सपोर्ट शिप तैनात किया गया। यह सहयोग उस समय दिया गया, जब अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने प्रतिबंधों के उल्लंघन के शक में टैंकर को रोका।
रूस के तेल कारोबार पर दबाव बढ़ाते हुए अमेरिका की बड़ी कार्रवाई को ब्रिटेन का सक्रिय समर्थन मिला है। उत्तर अटलांटिक महासागर में अमेरिकी कोस्ट गार्ड द्वारा एक रूसी झंडे वाले तेल टैंकर को रोके जाने के दौरान ब्रिटिश सशस्त्र बलों ने “एनेबलिंग सपोर्ट” प्रदान किया। ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई बातचीत में इस संयुक्त ऑपरेशन, यूक्रेन की स्थिति और वेनेजुएला में अमेरिकी कार्रवाई पर चर्चा हुई। डाउनिंग स्ट्रीट के बयान के अनुसार, यह कार्रवाई प्रतिबंधों की अवहेलना (sanctions busting) के खिलाफ साझा प्रयासों का हिस्सा थी।
Britain provided support to the United States in its operation to seize a Russian-flagged oil tanker in the North Atlantic, British Defense Secretary John Healey said https://t.co/7igXKBHxy1 pic.twitter.com/BElSIMQWVe
— Reuters (@Reuters) January 8, 2026
ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि अमेरिका के अनुरोध पर RAF के सर्विलांस विमान और रॉयल नेवी का सपोर्ट शिप RFA Tideforce तैनात किया गया। रक्षा सचिव जॉन हीली ने कहा कि यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानून के पूर्ण अनुपालन में की गई और यूके–यूएस रक्षा साझेदारी दुनिया की सबसे गहरी साझेदारियों में से एक है। जब्त किया गया टैंकर ‘बेला 1’, जिसे पहले ‘मैरिनेरा’ कहा जाता था, वेनेजुएला से जुड़ा बताया गया है और उस पर ईरान-विरोधी अमेरिकी प्रतिबंध लागू थे। आरोप है कि जहाज फर्जी झंडा उड़ाकर चल रहा था और पहचान से बचने के लिए समुद्र में अपने ट्रांसपोंडर बंद कर दिए थे। जॉन हीली ने कहा कि यह जहाज रूस–ईरान के प्रतिबंध-उल्लंघन नेटवर्क का हिस्सा है, जो मध्य पूर्व से यूक्रेन तक आतंकवाद, संघर्ष और अस्थिरता को बढ़ावा देता है।
उन्होंने दावा किया कि इस तरह की कार्रवाइयों के चलते रूस की तेल आय अक्टूबर 2024 की तुलना में 27 प्रतिशत तक गिर चुकी है, जो यूक्रेन युद्ध की शुरुआत के बाद सबसे निचला स्तर है। ब्रिटेन ने साफ किया कि वह समुद्री मार्गों पर बढ़ती ‘शैडो फ्लीट’ गतिविधियों को रोकने के लिए अपने सहयोगियों के साथ सख्त कदम उठाता रहेगा।पश्चिमी देशों का आरोप है कि ऐसे जहाज फर्जी झंडों और गुप्त तरीकों से तेल की तस्करी कर युद्ध और आतंकवाद को फंडिंग करते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कार्रवाई सिर्फ एक टैंकर तक सीमित नहीं है, बल्कि रूस की तेल आय पर सीधा प्रहार और वेनेजुएला जैसे देशों में अमेरिकी दखल की कड़ी का हिस्सा है। यूक्रेन से लेकर वेनेजुएला तक, समुद्रों पर नियंत्रण की यह लड़ाई आने वाले दिनों में और तेज होने के संकेत दे रही है।
