ट्रंप बोले- ‘Good News’: शुक्रवार हो सकती US-Iran में दूसरे दौर की वार्ता ! तेहरान ने कहा...
punjabkesari.in Thursday, Apr 23, 2026 - 02:58 PM (IST)
Washington: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि अमेरिका और ईरान के बीच दूसरी दौर की वार्ता जल्द हो सकती है। पाकिस्तान की मध्यस्थता से बातचीत की उम्मीद बढ़ी है। हालांकि यह सब सीजफायर के बीच हो रहा है और अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है। ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के साथ शांति वार्ता को लेकर “गुड न्यूज़” है और शुक्रवार को बातचीत हो सकती है। उन्होंने संकेत दिया कि दोनों देशों के बीच कूटनीतिक प्रयास आगे बढ़ रहे हैं। यह बयान ऐसे समय आया है जब हालात बेहद तनावपूर्ण हैं। होर्मुज में समुद्री टकराव, सीजफायर को लेकर मतभेद और लगातार सैन्य दबाव ने स्थिति को नाजुक बना दिया है।
Trump said “good news” on renewed U.S.–Iran talks could come “as soon as Friday,” adding in a message: “It’s possible!”
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— Middle East Negotiation Desk (@Defense_OSINT_) April 22, 2026
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगले 36 से 72 घंटों में बातचीत शुरू हो सकती है। इसे संभावित कूटनीतिक प्रगति के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि अभी तक किसी आधिकारिक कार्यक्रम की पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन दूसरी ओर, ईरान ने इन दावों को खारिज कर दिया है। इस्लामी रिवेलूशनरी गार्ड कोर (Islamic Revolutionary Guard Corps) से जुड़ी एजेंसी ने कहा कि शुक्रवार तक किसी भी शांति वार्ता की कोई योजना नहीं है और ट्रंप का सीजफायर बढ़ाने का दावा भी गलत है। इस तरह एक तरफ अमेरिका बातचीत को लेकर सकारात्मक संकेत दे रहा है, वहीं ईरान साफ तौर पर इनकार कर रहा है।
US-Iran Talks: Second Round Expected Friday, Trump Signals 'Good News'
President Also Confirms US Military on Standby for All Contingencies
Washington |
US President Donald Trump has expressed optimism over ongoing diplomatic engagement with Iran, indicating that a second round… pic.twitter.com/gN05dlAQIy
— Voice of Germany (@NewsVOG) April 22, 2026
यही विरोधाभास पूरे संकट को और उलझा रहा है। ट्रंप ने पहले सीजफायर बढ़ाने का फैसला लिया था, ताकि ईरान को बातचीत के लिए समय मिल सके। लेकिन ईरान की ओर से इस पर कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं आई है। इस पूरे घटनाक्रम से यह साफ है कि अमेरिका एक साथ दो रणनीतियों पर काम कर रहा है एक तरफ सैन्य दबाव बनाए रखना और दूसरी तरफ कूटनीति का रास्ता खुला रखना। इसमें पाकिस्तान और अन्य देशों की मध्यस्थता की भूमिका भी सामने आ रही है।फिलहाल स्थिति “वेट एंड वॉच” वाली बनी हुई है। अगर शुक्रवार को वार्ता होती है तो यह तनाव कम करने की दिशा में बड़ा कदम हो सकता है ।
