ट्रंप का ऐलानः अमेरिका-ईरान समझौते की उल्टी गिनती शुरू, आज बदल जाएगा पश्चिम एशिया का भविष्य
punjabkesari.in Sunday, Jun 14, 2026 - 11:39 AM (IST)
International Desk: कई महीनों की तनावपूर्ण बातचीत, सैन्य टकराव और कूटनीतिक प्रयासों के बाद अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ( Donald Trump) ने दावा किया है कि दोनों देशों के बीच युद्ध समाप्ति संबंधी समझौते पर रविवार को हस्ताक्षर हो सकते हैं। यदि ऐसा होता है तो यह पश्चिम एशिया की राजनीति में बड़ा बदलाव माना जाएगा। ट्रंप ने यह भी कहा कि समझौते के तुरंत बाद सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण Strait of Hormuz को सभी देशों के लिए खोल दिया जाएगा, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार को राहत मिल सकती है।
ईरान की चुप्पी बरकरार
सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर ट्रंप ने लिखा कि समझौते पर हस्ताक्षर होने वाले हैं और इसके बाद क्षेत्र में स्थिरता का नया दौर शुरू हो सकता है। हालांकि, समझौते को लेकर ईरान की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। ऐसे में अंतिम घोषणा से पहले स्थिति पर नजर बनी हुई है। ट्रंप ने यह भी कहा कि यदि समझौता उम्मीदों के अनुरूप नहीं हुआ तो अमेरिका के पास अन्य विकल्प भी मौजूद हैं, हालांकि उन्होंने आशा जताई कि कूटनीतिक प्रक्रिया सफल रहेगी। ट्रंप ने प्रस्तावित समझौते की तुलना 2015 में तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा (Barack Obama) के कार्यकाल में हुए परमाणु समझौते से की। उन्होंने दावा किया कि ओबामा का समझौता ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की दिशा में ले जा सकता था, जबकि उनका प्रस्तावित समझौता ईरान के लिए परमाणु हथियारों का रास्ता पूरी तरह बंद कर देगा। ट्रंप के अनुसार, ईरान अब न तो परमाणु हथियार विकसित कर पाएगा और न ही किसी अन्य माध्यम से उसे हासिल कर सकेगा।
पाकिस्तान बोला- समझौता अंतिम चरण में
इस बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ (Shehbaz Sharif) ने दावा किया है कि अमेरिका-ईरान समझौता अंतिम चरण में पहुंच चुका है और अगले 24 घंटों में इसे अंतिम रूप दिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि समझौते पर इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से हस्ताक्षर होने की संभावना है, जिसके बाद अगले सप्ताह तकनीकी स्तर की वार्ताएं शुरू हो सकती हैं। पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री इसहाक डार (Ishaq Dar) ने सऊदी अरब, यूरोपीय संघ, मिस्र और स्विट्जरलैंड के वरिष्ठ नेताओं के साथ अलग-अलग बातचीत की। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के अनुसार, इन चर्चाओं में अमेरिका-ईरान वार्ता की प्रगति और क्षेत्रीय स्थिरता पर विचार-विमर्श किया गया।
कतर और सऊदी अरब भी सक्रिय
शहबाज शरीफ ने कतर के प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी (Mohammed bin Abdulrahman Al Thani) से भी बातचीत की और शांति प्रक्रिया में सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। वहीं सऊदी विदेश मंत्री फ़ैसल बिन फ़रहान अल सऊद (Faisal bin Farhan Al Saud) के साथ हुई वार्ता में भी समझौते की दिशा में प्रगति का स्वागत किया गया। हालांकि ट्रंप और पाकिस्तान दोनों ने समझौते को लेकर आशावादी संकेत दिए हैं, लेकिन अंतिम तस्वीर तभी साफ होगी जब अमेरिका और ईरान दोनों आधिकारिक रूप से इसकी पुष्टि करेंगे।यदि यह समझौता सफल होता है, तो यह न केवल अमेरिका-ईरान संबंधों में ऐतिहासिक मोड़ साबित हो सकता है, बल्कि पूरे पश्चिम एशिया में स्थिरता और शांति की नई उम्मीद भी जगा सकता है।
