अमेरिका ने ईरान को लेकर खोले सारे पत्ते; वेंस बोले- ‘आसान नहीं रास्ता’, जटिल और लंबी हो सकती डील पर बातचीत
punjabkesari.in Thursday, Aug 06, 2026 - 11:07 AM (IST)
Washington: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने और किसी संभावित समझौते की कोशिशों के बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने साफ कर दिया है कि बातचीत की राह आसान नहीं होने वाली। वेंस ने कहा कि ईरान का नेतृत्व बंटा हुआ है और वहां अलग-अलग धड़े युद्ध और बातचीत को लेकर अलग-अलग रुख रखते हैं। ऐसे में किसी समझौते तक पहुंचने की प्रक्रिया उलझी हुई और लंबी हो सकती है।
‘बातचीत messy होगी और समय लगेगा’
फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में वेंस ने कहा कि अमेरिका को ईरान के जटिल और बंटे हुए नेतृत्व के बीच रास्ता निकालना होगा। उन्होंने संकेत दिया कि ईरान के भीतर कुछ लोग संघर्ष खत्म करना चाहते हैं, जबकि कुछ कट्टरपंथी धड़े लड़ाई जारी रखने के पक्ष में हैं। वेंस के मुताबिक, अमेरिका का लक्ष्य इस जटिल स्थिति से गुजरते हुए अपने देश और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए सबसे बेहतर परिणाम हासिल करना है। वेंस ने यह भी कहा कि बातचीत का अंतिम नतीजा तुरंत सामने नहीं आएगा और इसमें समय लग सकता है।
सभी विकल्प खुले
अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने कहा कि ट्रंप प्रशासन ईरान के साथ अपने उद्देश्यों को हासिल करने के लिए सैन्य दबाव, आर्थिक कदम और कूटनीति, तीनों का इस्तेमाल कर सकता है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अभी बातचीत चल रही है, इसलिए उसके अंतिम नतीजे को लेकर जल्दबाजी में कोई निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा।वेंस ने भरोसा जताया कि आखिरकार बातचीत का नतीजा अमेरिका के हित में होगा।
परमाणु हथियार नहीं बनाने देंगे
वेंस ने अमेरिका की एक प्रमुख मांग को भी दोहराया। उन्होंने कहा कि ईरान के पास कभी परमाणु हथियार नहीं होगा। उन्होंने साथ ही तेल की कीमतों का जिक्र करते हुए उम्मीद जताई कि आगे चलकर तेल की कीमतें नीचे आएंगी और स्थिर रहेंगी। ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका और तेहरान के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ है और यह किसी भी संभावित समझौते की सबसे बड़ी अड़चनों में से एक है।
ट्रंप बोले- बातचीत में ‘काफी प्रगति’
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ बातचीत को लेकर सकारात्मक संकेत दिए थे। ट्रंप ने मंगलवार को कहा था कि बातचीत में काफी प्रगति हुई है और ईरानी पक्ष ने संपर्क कर बातचीत की इच्छा जताई है। ट्रंप ने कहा कि अगले 48 घंटे में स्थिति और स्पष्ट हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के लिए समझौता करना समझदारी होगी। हालांकि, वेंस का बयान यह संकेत देता है कि अमेरिका बातचीत को लेकर आशावादी होने के बावजूद इसे आसान या तुरंत पूरा होने वाली प्रक्रिया नहीं मान रहा है।
होर्मुज बना सबसे बड़ा मुद्दा
अमेरिका-ईरान बातचीत में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज भी बेहद अहम मुद्दा बना हुआ है। यह जलमार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण है और इसे लेकर किसी समझौते का असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर भी पड़ सकता है। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान और ओमान होर्मुज से जहाजों की आवाजाही को लेकर एक समझौते के अंतिम चरण में हैं। अमेरिका भी इस घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।ट्रंप ने भी संकेत दिया है कि होर्मुज को जल्द खोलने को लेकर कोई समझौता हो सकता है। अगर यह रास्ता सुरक्षित और नियमित रूप से खुलता है तो वैश्विक तेल आपूर्ति और शिपिंग पर दबाव कम हो सकता है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए पहले हुए समझौते की कोशिशों को बड़ा झटका लग चुका है। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच नए सिरे से बातचीत की कोशिशें हो रही हैं।
