हॉर्मुज खुलेगा या नहीं? ईरान-ओमान के बीच डील लगभग तय, फैसले में अमेरिका बना अड़चन
punjabkesari.in Thursday, Aug 06, 2026 - 11:22 AM (IST)
Tehran: दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में शामिल हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर तनाव के बीच ईरान और ओमान के बीच बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। ईरान का कहना है कि दोनों देशों ने जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों के लिए एक मार्ग तय कर लिया है और अब इसके संयुक्त प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। हालांकि, ईरान ने साफ कर दिया है कि सिर्फ ओमान के साथ समझौता हो जाने से हॉर्मुज सभी जहाजों के लिए सुरक्षित नहीं हो जाएगा। तेहरान के मुताबिक, जलडमरूमध्य में सुरक्षा की स्थिति तब तक सामान्य नहीं हो सकती, जब तक अमेरिका अपनी नौसैनिक नाकाबंदी और ईरान के खिलाफ अन्य सैन्य गतिविधियां बंद नहीं करता।
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि दोनों देशों के बीच जहाजों के लिए प्रस्तावित मार्ग के भौगोलिक निर्देशांक पर सहमति बन चुकी है। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच एक संयुक्त बयान तैयार किया जा रहा है, जिसमें समझौते के प्रमुख बिंदुओं को शामिल किया जाएगा। यह बयान अंतिम समीक्षा और ड्राफ्टिंग के चरण में है। ईरान के मुताबिक, अगर किसी तीसरे पक्ष की ओर से प्रक्रिया में रुकावट नहीं डाली जाती है, तो दोनों देशों के बीच यह समझौता आगे बढ़ सकता है।
सबसे बड़ी अड़चन
ईरान का कहना है कि हॉर्मुज में अभी भी सुरक्षा जोखिम मौजूद हैं और इसकी मुख्य वजह अमेरिका की कार्रवाई है। ईरानी विदेश मंत्रालय ने विशेष रूप से अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी और ईरान के खिलाफ कथित आक्रामक गतिविधियों का जिक्र किया। तेहरान का तर्क है कि जब तक ये परिस्थितियां बनी रहती हैं, तब तक समुद्री मार्ग को पूरी तरह सुरक्षित घोषित नहीं किया जा सकता। यानी ईरान और ओमान के बीच रास्ते को लेकर सहमति बनने के बावजूद हॉर्मुज का वास्तविक रूप से दोबारा खुलना अमेरिका के कदम पर निर्भर करता दिखाई दे रहा है।
हॉर्मुज को लेकर चिंता ऐसे समय बढ़ी जब एक तेल टैंकर के कप्तान ने जलडमरूमध्य से गुजरते समय दो धमाकों की आवाज सुनने की सूचना दी। ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी UKMTO के अनुसार, यह घटना ओमान के कुमजार से करीब 9 नॉटिकल मील यानी लगभग 17 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में हुई। हालांकि, जहाज और उसके चालक दल के सभी सदस्य सुरक्षित बताए गए। इसी बीच यमन के हूती संगठन ने दावा किया कि उसने सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों को निशाना बनाया है।हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने दावा किया कि मिसाइलों से वफा नामक टैंकर को उत्तरी लाल सागर में यानबू के पास और डेजी नामक टैंकर को अदन की खाड़ी में निशाना बनाया गया।
