तालिबान का 'Operation Rawalpindi': नूर खान एयरबेस पर फिर बरसी आग, 32 सैनिकों के मारे जाने का दावा

punjabkesari.in Monday, Mar 02, 2026 - 09:39 AM (IST)

Taliban Attack on Pakistan Air Base : डूरंड रेखा पर जारी तनाव अब एक भीषण युद्ध में तब्दील हो चुका है। अफगानिस्तान के तालिबान शासन ने दावा किया है कि उसने पाकिस्तान के भीतर घुसकर रावलपिंडी स्थित महत्वपूर्ण 'नूर खान एयरबेस' समेत कई सैन्य ठिकानों पर जोरदार हमला किया है। यह वही एयरबेस है जिसे पिछले साल भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान निशाना बनाया था। तालिबान की इस जवाबी कार्रवाई से पूरे दक्षिण एशिया में खलबली मच गई है।

तालिबान के निशाने पर पाक मिलिट्री साइट्स

तालिबान के रक्षा मंत्रालय के अनुसार रविवार को अफगान सेना ने पाकिस्तान के सामरिक रूप से महत्वपूर्ण ठिकानों पर हमले किए:

  • नूर खान एयर बेस (रावलपिंडी): पाकिस्तानी वायुसेना के इस सबसे बड़े बेस को निशाना बनाया गया।

  • 12वीं कोर (क्वेटा, बलूचिस्तान): क्वेटा में स्थित सेना की कोर पर एयर स्ट्राइक का दावा किया गया है।

  • ख्वीजो मिलिट्री कैंप (KPK): खैबर पख्तूनख्वा की मोहमंद एजेंसी में बने सैन्य कैंप को भी भारी नुकसान पहुंचाया गया है।

क्यों शुरू हुई यह जंग?

तालिबान के डिप्टी प्रवक्ता सेदुकुल्लाह नसरत ने बताया कि यह कार्रवाई पाकिस्तान द्वारा शनिवार रात काबुल, बगराम और नंगरहार प्रांत में की गई बमबारी का बदला है। पाकिस्तान ने नंगरहार के गनी खैल जिले में ड्रोन से आम नागरिकों के घरों को निशाना बनाया था जिसमें बड़ी संख्या में लोग हताहत हुए थे।

नुकसान का बड़ा दावा: 32 सैनिक ढेर

रिपोर्ट के मुताबिक तालिबान ने इस युद्ध में पाकिस्तान को भारी नुकसान पहुंचाने का दावा किया है। जवाबी हमलों में पाकिस्तानी सेना के 32 जवानों के मारे जाने की पुष्टि की गई है। अफगान सेना ने पाकिस्तान के 2 निगरानी ड्रोन को भी आसमान में ही ध्वस्त कर दिया। रविवार सुबह 11 बजे तालिबान की वायु सेना ने क्वेटा में पाकिस्तानी सेना की कोर पर सीधी एयर स्ट्राइक की।


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Content Editor

Rohini Oberoi

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