यूक्रेन में रूसी हमले से कोहराम: स्कूल इमारत और आश्रय स्थल पर बमबारी में 26 लोगों की मौत, 20 अब भी लापता(Video)

punjabkesari.in Tuesday, Nov 03, 2026 - 01:15 PM (IST)

Moscow:दक्षिणी यूक्रेन में रूस के हमले ने मानवीय सहायता और सुरक्षित पनाह की उम्मीद लगाए बैठे लोगों को निशाना बनाया। जापोरिज्जिया क्षेत्र के कोमिशुवाखा गांव में पहले राहत सामग्री बांटने के लिए इस्तेमाल हो रही स्कूल की इमारत और फिर पास के आश्रय स्थल पर हमला किया गया। इस हमले में 26 लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 20 लोग अब भी लापता हैं। बचाव अभियान के दौरान भी रूसी ड्रोन हमलों की खबर सामने आई है।  अधिकारियों ने आशंका जताई है कि मलबे में अब भी लोग फंसे हो सकते हैं और मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर बताया कि रूसी हमले में सबसे पहले उस स्कूल की इमारत को निशाना बनाया गया, जिसका इस्तेमाल मानवीय सहायता सामग्री बांटने के लिए किया जा रहा था। इसके बाद पास स्थित एक आश्रय स्थल पर भी हमला किया गया।

 

🇺🇦 24 DEAD, 5 INJURED, AND AT LEAST 20 MISSING AFTER A RUSSIAN AIRSTRIKE ON KAMYSHEVAKHA, ZAPORIZHZHIA REGION. According to reports, Russian aircraft struck a local school with guided aerial bombs while civilians were receiving humanitarian aid inside. After the first strike, people sought refuge in a shelter. But the shelter itself was reportedly hit in a second massive attack. Around nine aerial bombs were said to have been dropped in total. Among the 24 reported fatalities were civilians, two emergency rescue workers, and four police officers who had arrived to help victims of the initial strike. People came to a school to receive food and essential supplies. Rescuers and police officers came to save lives. Now families are searching for the missing, and rescuers are searching through the ruins. This is the human cost of Russia's war against Ukraine. P.S. I'm gradually moving from X to Substack. You can follow my work for free or support it with a paid subscription. https://t.co/kEbSUaYQZ9

— Olena Rohoza (@OlenaRohoza) November 2, 2026

जेलेंस्की ने कहा कि यह हमला इस बात का एक और सबूत है कि रूस तनाव कम करने की दिशा में आगे नहीं बढ़ना चाहता। स्थानीय अधिकारियों ने इंटरनेट पर हमले के बाद की तस्वीरें और वीडियो साझा किए हैं। इनमें रात के समय बचावकर्मी टॉर्च की रोशनी में इमारतों के मलबे में लोगों की तलाश करते दिखाई दे रहे हैं। जापोरिज्जिया के सैन्य अधिकारी मायखाइलो सेमीकिन ने बताया कि सोमवार शाम बचाव अभियान में उस समय बाधा आई, जब रूसी ड्रोन ने उसी इलाके में कई और हमले किए। इससे राहत और बचाव कार्य प्रभावित हुआ। ये हमले ऐसे समय हुए, जब यूक्रेन के एक अन्य दक्षिणी क्षेत्र खेरसॉन में स्थानीय स्तर पर लागू युद्धविराम समाप्त हो गया।

 

इस समझौते के तहत रूस के कब्जे वाले अग्रिम इलाकों में मानवीय सहायता पहुंचाने और लोगों को सुरक्षित निकालने की अनुमति दी गई थी। जेलेंस्की ने कहा कि एक समय ऐसा लगा था कि शांति की दिशा में आगे बढ़ना संभव है, लेकिन इन हत्याओं ने इसके विपरीत संदेश दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि रूस और अधिक खूनखराबा चाहता है।  जेलेंस्की ने बाद में राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा कि यूक्रेन अपनी रक्षा के लिए जरूरी मिसाइलों की कमी का सामना कर रहा है। ऐसे में रूस की ओर से हमले और तेज किए जाने की आशंका है। यूक्रेन के अन्य हिस्सों में भी अधिकारियों ने रूसी ड्रोन हमलों की जानकारी दी है। इन हमलों में कम से कम 17 लोग घायल हुए हैं।
 


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Content Writer

Tanuja

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