पुतिन की ट्रंप को गुप्त चेतावनी; अमेरिका को ईरान पर परमाणु हमला पड़ेगा भारी, यूक्रेन में रूस लेगा बराबरी का बदला
punjabkesari.in Tuesday, Nov 03, 2026 - 11:34 AM (IST)
Moscow: ईरान और अमेरिका के बीच जारी युद्ध के बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कथित तौर पर वॉशिंगटन को बेहद गंभीर चेतावनी दी है। दावा किया जा रहा है कि मॉस्को ने गुप्त कूटनीतिक माध्यमों से अमेरिका को संदेश दिया है कि अगर ईरान के खिलाफ किसी भी परमाणु हथियार का इस्तेमाल किया गया तो रूस को यूक्रेन में उसी स्तर की कार्रवाई करने की खुली छूट मिल जाएगी। यानी ईरान पर अमेरिकी परमाणु हमला हुआ तो रूस यूक्रेन युद्ध में अपने सैन्य विकल्पों को लेकर किसी तरह की पाबंदी नहीं मानेगा। हालांकि, इस कथित संदेश की अभी रूस या अमेरिका की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
🚨🇷🇺🇺🇸🇮🇷 BREAKING: The Russian Government has reportedly informed Washington, through back channels, that the usage of any Nuclear Weapons on Iran would free Russia to take equal measures in Ukraine. https://t.co/m7hno0ydPW
— Bedouin Report (@BedouinReport) November 3, 2026
रिपोर्टेड दावे के मुताबिक, रूसी सरकार ने बैकचैनल यानी गुप्त कूटनीतिक माध्यमों से अमेरिकी प्रशासन तक अपना संदेश पहुंचाया है। इसमें साफ संकेत दिया गया है कि ईरान के खिलाफ परमाणु हथियारों का इस्तेमाल वैश्विक सुरक्षा के लिए बेहद गंभीर परिणाम पैदा कर सकता है। इस कथित चेतावनी में रूस ने यूक्रेन युद्ध का मुद्दा भी जोड़ दिया है। दावा है कि यदि अमेरिका ईरान पर परमाणु हमला करता है तो रूस भी यूक्रेन में समान स्तर की सैन्य कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र होगा। इसका मतलब यह होगा कि ईरान के खिलाफ परमाणु हथियारों का इस्तेमाल केवल मध्य पूर्व तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका सीधा असर रूस-यूक्रेन युद्ध और अमेरिका-रूस संबंधों पर भी पड़ सकता है।
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पहले भी यूक्रेन युद्ध में पश्चिमी देशों की भूमिका और रूस की सुरक्षा को लेकर परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की चेतावनी दे चुके हैं। सितंबर 2024 में पुतिन ने रूस की परमाणु नीति में बदलाव का प्रस्ताव रखा था। इसमें उन परिस्थितियों का दायरा बढ़ाया गया था, जिनमें रूस परमाणु हथियारों के इस्तेमाल पर विचार कर सकता है। रूस लगातार चेतावनी देता रहा है कि यूक्रेन युद्ध में पश्चिमी देशों की सीधी सैन्य भागीदारी के गंभीर परिणाम हो सकते हैं। ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद रूस ने इन सैन्य कार्रवाइयों की आलोचना की थी।
रूस ने संयुक्त राष्ट्र में भी ईरान पर हमलों और क्षेत्रीय अस्थिरता को लेकर चिंता जताई थी। इसके अलावा, मार्च 2026 में आई वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट में अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से दावा किया गया था कि रूस ने ईरान को मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य ठिकानों, युद्धपोतों और विमानों से जुड़ी खुफिया जानकारी मुहैया कराई थी। रूस ने ईरान की सैन्य मदद करने के आरोपों से इनकार किया है।अगर ईरान पर परमाणु हथियारों का इस्तेमाल होता है तो इसका असर केवल अमेरिका-ईरान संघर्ष तक सीमित नहीं रहेगा। रूस की कथित चेतावनी सही साबित होती है तो यूक्रेन युद्ध में भी तनाव खतरनाक स्तर तक पहुंच सकता है। ऐसी स्थिति में अमेरिका और रूस के बीच सीधा टकराव बढ़ने का खतरा होगा।
