यूक्रेन युद्ध का असर या..: मॉस्को विक्ट्री डे परेड में नहीं दिखे टैंक और मिसाइल, पुतिन गरजे- रूस हमेशा विजयी रहेगा

punjabkesari.in Saturday, May 09, 2026 - 06:02 PM (IST)

International Desk: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) ने मॉस्को के रेड स्क्वायर में आयोजित 81वें विक्ट्री डे परेड के दौरान नाटो और यूक्रेन पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि रूस यूक्रेन में “न्यायसंगत युद्ध” लड़ रहा है और यूक्रेन को नाटो देशों का पूरा समर्थन मिल रहा है। अपने भाषण में पुतिन ने कहा कि रूसी सैनिक एक “आक्रामक ताकत” का सामना कर रहे हैं, जिसे नाटो पूरी तरह हथियार और समर्थन दे रहा है। उन्होंने यूक्रेन युद्ध को रूस की सुरक्षा और भविष्य के लिए जरूरी बताया।

 

📹 Solemn March Led By Military Cadets At Victory Day Parade In Red Square pic.twitter.com/F4bLML0kms

— RT_India (@RT_India_news) May 9, 2026

इस साल रूस की विक्ट्री डे परेड पहले के मुकाबले काफी छोटी और सीमित रही। पहली बार कई वर्षों में मॉस्को की परेड में टैंक, बैलिस्टिक मिसाइल और भारी सैन्य वाहन दिखाई नहीं दिए। रूसी अधिकारियों ने इसका कारण मौजूदा युद्ध स्थिति और सुरक्षा खतरे बताए। रूस और यूक्रेन के बीच तीन दिन के युद्धविराम की घोषणा भी इसी दौरान हुई थी। हालांकि परेड खत्म होने के बाद रूस के रक्षा मंत्रालय ने यूक्रेन पर संघर्ष विराम तोड़ने का आरोप लगाया। यूक्रेन की ओर से इस पर तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।

 

🇷🇺🇺🇦Russia's Victory Day celebrations are underway in Red Square, marking the 81st anniversary of the WWII victory over Nazi Germany

It's scaled down this year, with no heavy military hardware on show in case Ukraine tries to take it out.pic.twitter.com/nvACCnMppv https://t.co/WhJbRQ5QJj

— Mario Nawfal (@MarioNawfal) May 9, 2026

परेड में रूस के करीबी सहयोगी देशों के नेता शामिल हुए, जिनमें Alexander Lukashenko और Robert Fico भी मौजूद थे। लेकिन पिछले साल की तुलना में इस बार विदेशी नेताओं की संख्या काफी कम रही। इस मौके पर उत्तर कोरिया के सैनिकों ने भी मार्च किया। परेड के बाद पुतिन ने ‘टॉम्ब ऑफ द अननोन सोल्जर’ पर फूल चढ़ाए और क्रेमलिन में एक समारोह में हिस्सा लिया। रूस में विक्ट्री डे को दूसरे विश्व युद्ध में नाजी जर्मनी पर सोवियत संघ की जीत की याद में मनाया जाता है। रूस इसे अपनी सैन्य ताकत और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक मानता है।
 


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Content Writer

Tanuja

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