पहलगाम हमले के 1 साल बाद भी जिंदा आतंकी नेटवर्क, रिपोर्ट ने खोली बड़ी सच्चाई

punjabkesari.in Monday, Apr 20, 2026 - 04:23 PM (IST)

International Desk: श्रीनगर के  पहलगाम (Pahalgam) के पास बैसरन इलाके में 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकी हमले को एक साल पूरा हो गया है। इस हमले में चार आतंकियों ने 26 हिंदू पर्यटकों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। हमलावरों ने पहले पर्यटकों से धार्मिक पहचान बताने को कहा और फिर उन्हें निशाना बनाया। इस हमले की जिम्मेदारी  The Resistance Front ने ली थी। जांच में सामने आया कि इस हमले के पीछे पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से जुड़े नेटवर्क का हाथ था। TRF को पाकिस्तान आधारित Lashkar-e-Taiba का एक फ्रंट संगठन माना जाता है, जिसे जम्मू-कश्मीर में हमले करने के लिए बनाया गया था। 17 जुलाई 2025 को अमेरिका ने TRF को आधिकारिक तौर पर “विदेशी आतंकी संगठन” घोषित कर दिया। इस कदम ने यह साफ कर दिया कि यह संगठन एक बड़े अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क का हिस्सा है।

 

इसके साथ ही Jaish-e-Mohammad जैसे अन्य संगठनों की भूमिका भी सामने आई, जो लंबे समय से भारत के खिलाफ सक्रिय बताए जाते हैं। भारत ने मई 2025 में Operation Sindoor के तहत इन आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की थी। इस ऑपरेशन में कई ठिकानों को नुकसान पहुंचाया गया, लेकिन रिपोर्ट के अनुसार इससे आतंकवादी ढांचा पूरी तरह खत्म नहीं हुआ। रिपोर्ट में बताया गया कि अक्टूबर 2025 में बहावलपुर में Jaish-e-Mohammad ने पहली बार महिलाओं के लिए एक विंग “जमात-उल-मोमिनात” शुरू किया। हजारों महिलाओं को ऑनलाइन कोर्स के जरिए जोड़ा गया। अलग-अलग जिलों में नेटवर्क बनाने की योजना बनाई गई। यह आतंकवाद के बदलते स्वरूप को दर्शाता है।
 

Lashkar-e-Taiba ने “वॉटर फोर्स” नाम से एक नई यूनिट बनाई है। इसमें समुद्री हमलों की ट्रेनिंग दी जाती है। 26/11 मुंबई हमले जैसे मॉडल पर अभ्यास कराया जा रहा है।  पाकिस्तान के कई शहरों और इलाकों में ट्रेनिंग चल रही है। रिपोर्ट के अनुसार आतंकवादी संगठन अब पारंपरिक बैंकिंग सिस्टम से हटकर नए तरीके अपना रहे हैं जिनमें मोबाइल वॉलेट (जैसे Easypaisa, JazzCash), छोटे-छोटे ऑनलाइन डोनेशन, Bitcoin और Tether जैसी क्रिप्टोकरेंसी इससे फंडिंग को ट्रैक करना मुश्किल हो गया है।

 

इस नेटवर्क का असर सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है। अमेरिका में आतंकी साजिशों में पाकिस्तानी नागरिक पकड़े गए। दक्षिण कोरिया में भी LeT से जुड़े व्यक्ति की गिरफ्तारी हुई। विभिन्न देशों में इस नेटवर्क की मौजूदगी के संकेत मिले। 2026 के ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स में पाकिस्तान को सबसे ज्यादा प्रभावित देश बताया गया है, जहां 2025 में 1100 से ज्यादा आतंकी घटनाओं में मौतें दर्ज हुईं। रिपोर्ट में कहा गया है कि अब सवाल यह नहीं है कि पाकिस्तान में आतंकी नेटवर्क मौजूद हैं या नहीं, बल्कि यह है कि वे लगातार कैसे बढ़ रहे हैं। अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं जैसे FATF और संयुक्त राष्ट्र पर दबाव बढ़ रहा है कि वे इस पर सख्त कार्रवाई करें।
 

 


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Content Writer

Tanuja

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