पाक में 13 वर्षीय ईसाई बच्ची का धर्मांतरण के बाद 3 बच्चों के बाप से जबरन निकाह, कोर्ट ने भी दे दी मान्यता

2021-06-17T11:46:51.393

 पेशावरः पाकिस्तान में अल्पसंख्यक युवतियों के जबरन धर्मांतरण व निकाह के मामले लगातार  बढ़ते  जा  रहे हैं।  ताजा मामला पाकिस्तान के गुजरांवाला शहर से सामने आया है जहां 13 साल की ईसाई बच्ची का जबरन धर्म परिवर्तन करवा कर निकाह किया गया।  इस मामले में सरकार, पुलिस और अदालत तीनों की कलई खुल गई है।  पीड़ित बच्ची के पिता का आरोप है कि एक मुस्लिम लड़के ने उनकी लड़की का अपहरण कर उसका जबरन धर्म परिवर्तन करवाया और फिर  उसकी तीन बच्चों के पिता से जबरन शादी करा दी। इस गंभीर अपराध को कानूनी जामा पहनाने के लिए युवती का अदालत में जबरन बयान दिलवा दिया गया।


आश्चर्य है कि अदालत में  जज ने भी नाबालिग लड़की की शादी को वैध बताकर आरोपियों को रिहा कर दिया। अब पीडि़त का पिता शाहिद गिल न्याय की गुहार कर रहा है और पाक सरकार चुप्पी साधे बैठी है। डान अखबार के अनुसार बच्ची के पिता  ने बताया कि उसकी लड़की के नाबालिग होने के बाद भी धमकी देकर दिलाए गए बयान को अदालत ने मान लिया। पाक में बाल विवाह निरोधक एक्ट 1929 के अनुसार 18 साल से कम उम्र के लड़के और 16 साल से कम उम्र की लड़की की शादी अवैध है।

 

अदालत ने सुनवाई के बाद कहा  कि वह युवती के बयान पर अपना निर्णय देगी। डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक पीड़िता के पिता अपने परिवार के लिए न्याय की मांगा है। आरिफ टाउन के  दर्जी शाहिद गिल ने कहा कि उनके पड़ोसी ने उनकी बेटी को उनकी मेकअप एक्सेसरीज की दुकान पर सेल्सगर्ल के रूप में काम पर रखने की पेशकश की थी। उन्होंने इस पेशकश को ठुकरा दिया लेकिन अपहर्ता लगातार उनसे मदद मांगता रहा। शाहिद ने कहा कि घर की स्थिति ठीक न होने के कारण बाद में उन्होंने अपनी बेटी को पड़ोसी की दुकान पर काम करने की अनुमति दे दी। गिल ने कहा कि 20 मई को उनकी बेटी घर से गायब हुई थी बाद में पड़ोसियों से पता चला कि उन्होंने लड़की को अपहरणकर्ता और कुछ अन्य पुरुषों एवं महिलाओं के साथ पिकअप ट्रक पर जाते हुए देखा था।

 

उन्होंने फिरोजवाला पुलिस स्टेशन में इसकी शिकायत की और 29 मई को अपहर्ता व सात अन्य के खिलाफ मामला दर्ज हुआ।जांच  के दौरान दो संदिग्धों को हिरासत में ले लिया गया लेकिन बाद में लड़की एक स्थानीय अदालत में पेश हुई। पुलिस अधिकारी के अनुसार, लड़की ने अदालत में कहा कि उसने स्वेच्छा से इस्लाम धर्म कुबूलने और बाद में अनुबंधित विवाह करने के लिए अपना घर छोड़ा था। उन्होंने कहा कि अदालत ने लड़की को उसके कथित पति के साथ जाने की अनुमति दे दी थी और पुलिस को मामला रद्द करने का आदेश दिया। पुलिस ने अदालती आदेश का पालन किया।
 
 


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Content Writer

Tanuja

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