अमेरिका के प्रस्ताव को ठुकराया… अब अपनी शर्तों पर ही खत्म करेगा युद्ध, ईरान ने रखीं 5 बड़ी मांगें!

punjabkesari.in Thursday, Mar 26, 2026 - 12:33 AM (IST)

इंटरनेशनल डेस्कः मध्य पूर्व में जारी युद्ध के बीच ईरान ने अमेरिका के युद्ध खत्म करने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। ईरान ने साफ कहा है कि वह युद्ध को केवल अपनी शर्तों पर ही खत्म करेगा। प्रेस टीवी से बातचीत में एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने अमेरिकी प्रस्ताव को “अत्यधिक” बताते हुए कहा कि “ईरान जब चाहेगा और उसकी शर्तें पूरी होंगी, तभी युद्ध खत्म होगा।”

ईरान का सख्त रुख… ‘भारी जवाब देते रहेंगे’

ईरान ने कहा है कि वह अमेरिका के खिलाफ अपनी रक्षा जारी रखेगा और अपनी शर्तें पूरी होने तक “भारी चोट” पहुंचाने का संकल्प लिया है। अधिकारी ने यह भी आरोप लगाया कि पहले भी दो बार बातचीत के दौरान अमेरिका ने ईरान को धोखा दिया और कभी गंभीर संवाद की मंशा नहीं दिखाई। इन घटनाओं और हालिया सैन्य हमलों का हवाला देते हुए तेहरान ने इस बार नकारात्मक प्रतिक्रिया दी है।

युद्ध खत्म करने के लिए ईरान की 5 शर्तें

ईरान ने पांच स्पष्ट शर्तें रखी हैं, जिनके पूरा होने पर ही वह युद्ध खत्म करने पर विचार करेगा:

  1. अमेरिका और ईरान की “आक्रामक कार्रवाई और हत्याओं” का पूरी तरह अंत।
  2. भविष्य में ईरान के खिलाफ किसी भी सैन्य कार्रवाई को रोकने के लिए ठोस सुरक्षा गारंटी।
  3. युद्ध में हुए नुकसान और क्षति के लिए स्पष्ट और सुनिश्चित मुआवजा।
  4. क्षेत्र के सभी मोर्चों और सभी “रेजिस्टेंस ग्रुप्स” के लिए युद्ध का अंत।
  5. Strait of Hormuz पर ईरान की संप्रभुता को औपचारिक रूप से मान्यता।

ईरान ने कहा कि ये शर्तें उन मांगों के अलावा हैं, जो जिनेवा में दूसरी वार्ता के दौरान अमेरिका के सामने रखी गई थीं। यह वार्ता 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के हमलों से कुछ दिन पहले हुई थी, जिसमें देश के शीर्ष नेता और सैन्य अधिकारी मारे गए थे।

स्पष्ट संदेश… ‘शर्तें मानो, तभी सीजफायर’

ईरान ने साफ कर दिया है कि युद्धविराम इस बात पर निर्भर करेगा कि उसकी शर्तें मानी जाती हैं या नहीं। अधिकारी ने दो टूक कहा, “इन शर्तों से पहले कोई बातचीत नहीं होगी।”

अमेरिका का 15 सूत्रीय प्रस्ताव क्या था?

इससे पहले पाकिस्तान और मिस्र के अधिकारियों ने अमेरिकी प्रस्ताव की रूपरेखा बताई थी। इस 15-बिंदु प्रस्ताव में शामिल थे:

  • ईरान पर लगे प्रतिबंधों में राहत
  • परमाणु कार्यक्रम को सीमित करना
  • मिसाइल क्षमताओं पर नियंत्रण
  • Strait of Hormuz को फिर से खोलना

इसके अलावा प्रस्ताव में ईरान द्वारा क्षेत्रीय सशस्त्र समूहों को समर्थन पर भी रोक लगाने की बात कही गई थी।

तेल संकट और बढ़ता वैश्विक दबाव

ईरान के हमलों और होरमुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण ने वैश्विक तेल आपूर्ति को प्रभावित किया है। यह समुद्री मार्ग दुनिया के लगभग पांचवें हिस्से के तेल परिवहन के लिए बेहद अहम है। ईरान ने कुछ जहाजों को गुजरने की अनुमति दी है, लेकिन अमेरिका, इजरायल या उनसे जुड़े देशों के जहाजों पर रोक लगा दी है। इस वजह से तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है और वैश्विक ऊर्जा संकट का खतरा बढ़ गया है, जिससे अमेरिका पर युद्ध खत्म करने का दबाव बढ़ गया है।

भारी जान-माल का नुकसान

ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, अब तक 1500 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं इजराइल का कहना है कि इस युद्ध में 20 लोगों की जान गई है, जिनमें लेबनान में मारे गए दो सैनिक भी शामिल हैं। अमेरिका के कम से कम 13 सैन्यकर्मी भी मारे गए हैं, जबकि वेस्ट बैंक और खाड़ी देशों में एक दर्जन से ज्यादा नागरिकों की मौत हुई है।


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Content Writer

Pardeep

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