अमेरिका में आर्मी बेस पर मंडराते दिखे कई ड्रोन ! मचा हड़कंप, भीतर मौजूद थे विदेश मंत्री रुबियो और रक्षा मंत्री
punjabkesari.in Thursday, Mar 19, 2026 - 12:19 PM (IST)
Washington: अमेरिका में उस समय हड़कंप मच गया जब Fort McNair आर्मी बेस के ऊपर संदिग्ध ड्रोन मंडराते देखे गए। यह वही बेस है जहां अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो (Marco Rubio) और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ (Pete Hegseth) मौजूद थे। रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुवार को वॉशिंगटन डीसी स्थित इस हाई-सिक्योरिटी बेस के ऊपर ड्रोन देखे जाने के बाद अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं। इस घटना को बेहद गंभीर माना जा रहा है, क्योंकि दोनों शीर्ष नेता उसी समय वहां मौजूद थे।ड्रोन की मौजूदगी के बाद अधिकारियों ने यह भी विचार किया कि क्या दोनों नेताओं को किसी सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जाए।
🚨🇺🇸 BREAKING: Multiple unidentified drones were spotted flying over Fort Lesley J. McNair in Washington — the military base where Secretary of State Marco Rubio and Defense Secretary Pete Hegseth reside. U.S. officials say the sightings triggered heightened security and a White… pic.twitter.com/MtqgiruPXr
— Inside the conflict (@Muhamma22474285) March 19, 2026
हालांकि, उन्हें शिफ्ट किया गया या नहीं, इस पर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। पेंटागन के मुख्य प्रवक्ता Sean Parnell ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए रक्षा मंत्री की गतिविधियों पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने इस तरह की संवेदनशील जानकारी को सार्वजनिक करना गैर-जिम्मेदाराना बताया। इस घटना के बाद व्हाइट हाउस में उच्च स्तरीय बैठक बुलाई गई, जिसमें सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की गई। इसके बाद अमेरिकी सेना को हाई अलर्ट पर डाल दिया गया।अमेरिका ने अपने कई सैन्य ठिकानों की सुरक्षा बढ़ाकर FPCON Charlie स्तर तक कर दी है।
यह अलर्ट तब लागू किया जाता है जब आतंकी हमले या गंभीर सुरक्षा खतरे की आशंका हो। इसके साथ ही, दुनिया भर में मौजूद अमेरिकी दूतावासों और कूटनीतिक मिशनों के लिए भी ग्लोबल सिक्योरिटी अलर्ट जारी किया गया है।यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब मिडिल ईस्ट में Iran और Israel के बीच युद्ध जारी है। अमेरिका को आशंका है कि ईरान जवाबी कार्रवाई के तहत उसके ठिकानों या हितों को निशाना बना सकता है। इस घटना ने साफ कर दिया है कि मिडिल ईस्ट का तनाव अब अमेरिका की धरती तक असर डालने लगा है, जिससे वैश्विक सुरक्षा चिंताएं और बढ़ गई हैं।
