ईरान ने सऊदी सुल्तान के एयर बेस पर दागी मिसाइलें ! अमेरिका के 5 विमान क्षतिग्रस्त, तुर्की में भी US का परमाणु बम भंडार बनाया निशाना(Video)
punjabkesari.in Saturday, Mar 14, 2026 - 12:00 PM (IST)
International Desk:पश्चिम एशिया में जारी युद्ध अब और फैलता दिखाई दे रहा है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर ईरानी मिसाइल हमले में अमेरिकी वायुसेना के पांच रिफ्यूलिंग विमान क्षतिग्रस्त हुए हैं। Reuters ने Wall Street Journal की रिपोर्ट के हवाले से कहा है कि ये विमान पूरी तरह नष्ट नहीं हुए, लेकिन उन्हें नुकसान पहुंचा है और उनकी मरम्मत की जा रही है। अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। इसके अलावा रिपोर्ट्स आ रही हैं कि ईरान की एक बैलिस्टिक मिसाइल ने कथित तौर पर तुर्की में NATO के Incirlik एयर बेस को निशाना बनाया है, जहाँ अनुमान है कि अमेरिका के 50 परमाणु बम रखे हुए हैं। यह घटना इसलिए बेहद अहम है क्योंकि रिफ्यूलिंग विमान किसी भी हवाई युद्ध अभियान की रीढ़ माने जाते हैं। यही विमान लड़ाकू जेट और दूसरे सैन्य विमानों को हवा में ईंधन देकर लंबी दूरी तक ऑपरेशन जारी रखने में मदद करते हैं। ऐसे में पांच विमानों का एक साथ क्षतिग्रस्त होना अमेरिकी अभियान के लिए सामरिक झटका माना जा सकता है। यह निष्कर्ष सैन्य भूमिका के आधार पर निकाला जा रहा है।
BREAKING 🚨
— Hinduism_and_Science (@Hinduism_sci) March 14, 2026
🇺🇸 🇮🇷 🇸🇦 Iran strikes 5 US Air Force refueling planes at Prince Sultan air base in Saudi Arabia
~ WSJ reports. pic.twitter.com/UzLh0pCM38
ध्यान देने वाली बात यह है कि Reuters ने कहा है कि वह Wall Street Journal की इस रिपोर्ट की तुरंत स्वतंत्र पुष्टि नहीं कर सका। यानी खबर मजबूत स्रोतों पर आधारित है, लेकिन इसे अभी अंतिम आधिकारिक अमेरिकी सैन्य ब्रीफिंग नहीं माना जाना चाहिए। इस हमले से पहले भी सऊदी अरब ने कहा था कि उसने प्रिंस सुल्तान एयर बेस की ओर दागी गई कई बैलिस्टिक मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया था। AP की रिपोर्ट के अनुसार, 11 मार्च को सऊदी रक्षा मंत्रालय ने बताया था कि बेस को निशाना बनाकर दागी गई छह बैलिस्टिक मिसाइलों को रोका गया। इससे साफ है कि यह इलाका पहले से ईरानी हमलों के दायरे में था।
🚨 Reports are coming in that an Iranian ballistic missile reportedly hit NATO's Incirlik air base in Turkey, which is estimated to house 50 US nuclear bombs. Iran recently fired on a nuclear weapons storage facility.#IranWar #Turkey #NATO pic.twitter.com/wBulmYt0dU
— Muhammed Faisal (@Intl_Mediatior) March 13, 2026
एक और अहम बात यह है कि इसी संघर्ष के दौरान प्रिंस सुल्तान एयर बेस से जुड़ा अमेरिकी नुकसान पहले भी सामने आ चुका है। हाल की रिपोर्टों में कहा गया कि ईरानी हमले में घायल एक अमेरिकी सैनिक की बाद में मौत हो गई थी। इससे संकेत मिलता है कि सऊदी स्थित अमेरिकी ठिकाने अब लगातार जोखिम में हैं।उधर अमेरिका भी जवाबी तैयारी बढ़ा रहा है। कई रिपोर्टों में कहा गया है कि अमेरिका अतिरिक्त मरीन, जहाज और सैन्य संसाधन पश्चिम एशिया की ओर भेज रहा है। साथ ही ट्रंप ने ईरान के खार्ग आइलैंड पर बड़े हमले का दावा किया है और चेतावनी दी है कि अगर हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजरानी बाधित हुई तो तेल ढांचे को भी निशाना बनाया जा सकता है। यह दिखाता है कि लड़ाई सिर्फ सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं, बल्कि ऊर्जा आपूर्ति और वैश्विक तेल बाजार तक पहुंच चुकी है।
यह हमला तीन बड़े संकेत देता है। पहला, सऊदी अरब अब सिर्फ पड़ोसी दर्शक नहीं, बल्कि युद्ध क्षेत्र की सीधी चपेट में आता दिख रहा है। दूसरा, अमेरिकी सैन्य लॉजिस्टिक्स को निशाना बनाया जा रहा है, यानी ईरान सिर्फ जवाबी हमला नहीं, बल्कि अमेरिकी ऑपरेशन की क्षमता कमजोर करने की कोशिश कर सकता है।
तीसरा, यह जंग पूरे खाड़ी क्षेत्र को अस्थिर कर सकती है, जिसमें तेल, समुद्री रास्ते और अमेरिकी सहयोगी देश सब शामिल हैं। हमला ठीक कब हुआ, नुकसान कितना गंभीर है, पांच विमान किस मॉडल के थे, और अमेरिका इसका तात्कालिक जवाब क्या देगा। यह भी साफ नहीं कि सऊदी अरब या अमेरिकी सेना की ओर से इस खास हमले पर विस्तृत आधिकारिक तकनीकी ब्रीफिंग कब आएगी।
