UAE में मिसाइल खतरे का अलर्ट: एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय, लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह
punjabkesari.in Tuesday, Aug 18, 2026 - 10:31 PM (IST)
इंटरनेशनल डेस्कः संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में मंगलवार को संभावित मिसाइल खतरे को लेकर एक आपातकालीन अलर्ट जारी किया गया, जिसके बाद पूरे देश में हड़कंप मच गया। देश के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि उनके वायु रक्षा प्रणाली (Air defence system) ने देश की ओर आ रही मिसाइलों का पता लगाया था।
खतरे की गंभीरता को देखते हुए गृह मंत्रालय ने तुरंत एडवाइजरी जारी कर नागरिकों से अपील की कि वे बिना किसी देरी के नजदीकी सुरक्षित इमारतों या स्थानों पर चले जाएं। हालांकि, सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के बाद इस अलर्ट को कुछ ही समय में हटा लिया गया।
UAE air defence systems detected a missile threat targeting the county. Please remain in a safe location and follow warnings and updates issued through official channels. pic.twitter.com/aobFA9WRdw
— NCEMA UAE (@NCEMAUAE) August 18, 2026
खतरे के स्रोत की जांच जारी
रक्षा मंत्रालय ने अलग से जारी बयान में यह तो माना कि देश की तरफ निर्देशित मिसाइल खतरे का पता चला था, लेकिन इस खतरे के स्रोत (मिसाइल कहां से दागी गई थी), इसके संभावित निशाने या क्या यूएई की धरती पर कोई मिसाइल गिरी है, इस बारे में फिलहाल कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है।
पिछले कुछ महीनों में पहला बड़ा अलर्ट
यूएई में पिछले कुछ महीनों के भीतर इस तरह की यह पहली बड़ी चेतावनी है। इससे पहले जून में एक 'फाल्स अलार्म' (झूठा अलर्ट) जारी हुआ था और जुलाई में भी एक हमले की चेतावनी दी गई थी, लेकिन वह हमला अमीरात की सीमा में दाखिल नहीं हो पाया था। इस साल मई की शुरुआत में आखिरी बार ऐसी मिसाइल चेतावनी जारी की गई थी।
तेल टैंकरों पर हमले और ईरान से समझौता टूटना मुख्य वजह
यह ताजा अलर्ट खाड़ी क्षेत्र में तेजी से बिगड़ते सुरक्षा हालातों के बीच आया है। पिछले कुछ हफ्तों में सरकारी 'अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी' (ADNOC) से जुड़े तेल टैंकरों को लगातार निशाना बनाया गया है, जिससे क्षेत्र में ऊर्जा बुनियादी ढांचे और समुद्री शिपिंग की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडराने लगा है।
गौरतलब है कि जब 28 फरवरी को मध्य पूर्व में व्यापक युद्ध की शुरुआत हुई थी, तब यूएई पर ईरान की ओर से भीषण मिसाइल और ड्रोन हमले किए गए थे। इस दौरान यूएई की ओर लगभग 3,000 मिसाइलें और ड्रोन दागे गए थे, जो क्षेत्र के किसी भी अन्य देश की तुलना में सबसे अधिक थे। इसके बाद, जून में दोनों देशों के बीच एक समझौता (MoU) हुआ था, जिसके बाद कुछ समय के लिए हमले रुक गए थे, लेकिन अब वह समझौता पूरी तरह से टूट चुका है और खाड़ी में फिर से युद्ध के बादल मंडराने लगे हैं।
