चीन की जूता फैक्ट्री में लगी भीषण आग, 28 लोगों की जलकर मौ'त, सामने आया खौफनाक Video
punjabkesari.in Friday, Jul 10, 2026 - 05:41 AM (IST)
जिनजियांग: पूर्वी चीन के फुजियान प्रांत के जिनजियांग शहर में एक बड़ा हादसा सामने आया है। यहां की 'हुइतेंग शूज' (Huiteng Shoes) फैक्ट्री में गुरुवार दोपहर भीषण आग लगने से कम से कम 28 लोगों की मौत हो गई है। सरकारी मीडिया के अनुसार, आग इतनी भयानक थी कि देखते ही देखते पूरी इमारत धुएं के गुबार में घिर गई।
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खिड़कियों और छतों पर फंसे रहे लोग
हादसा दोपहर करीब 12 बजे हुआ। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि फैक्ट्री में काम कर रहे दर्जनों कर्मचारी अंदर ही फंस गए। सोशल मीडिया और सीसीटीवी फुटेज में देखा गया कि लोग जान बचाने के लिए खिड़कियों के पास और इमारत की छत पर जमा थे, जबकि नीचे की मंजिलों से काला धुआं निकल रहा था।

बचाव कार्य में आईं बाधाएं
स्थानीय दमकल विभाग के प्रमुख डू झेंझोउ ने बताया कि जूता बनाने में इस्तेमाल होने वाले ज्वलनशील पदार्थ और एडहेसिव (गोंद) की वजह से आग तेजी से फैली। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि सीढ़ियों और निकास द्वारों पर जूतों का कच्चा माल भरा होने के कारण बचाव दल को ऊपरी मंजिलों तक पहुंचने में भारी मशक्कत करनी पड़ी। राहत कार्य के लिए 183 बचावकर्मी और 35 वाहन मौके पर तैनात किए गए थे।
🇨🇳🔸A fire broke out at the Fujian Huiteng Shoes factory in the southeastern Chinese city of Jinjiang, resulting in injuries.
— Argonaut (@FapeFop90614) July 9, 2026
Authorities have not yet confirmed the death toll. pic.twitter.com/61qDe9jyXJ
राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने जताया दुख
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने इस घटना में हुई "भारी जनहानि" पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि राहत और बचाव कार्यों में कोई कसर न छोड़ी जाए और इस हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। राष्ट्रपति ने हाल के दिनों में हुए कई औद्योगिक हादसों का जिक्र करते हुए सुरक्षा मानकों को और कड़ा करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।

लगातार हो रहे हादसों से बढ़ा डर
चीन में हाल के महीनों में आग लगने की कई बड़ी घटनाएं सामने आई हैं। इससे पहले हांगकांग में एक ऊंची इमारत में लगी आग में 168 लोगों की मौत हो गई थी, जिसके बाद देश भर में अग्नि सुरक्षा अभियान चलाया गया था। इसके अलावा, मई में एक पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट में भी 37 लोग मारे गए थे।
फिलहाल, प्रशासन मलबे में दबे या लापता लोगों की तलाश कर रहा है और घायलों का इलाज जारी है।
