CPC की 105वीं वर्षगांठ पर जिनपिंग का बड़ा ऐलान: चीन हर हाल में ताइवान पर करेगा कब्जा, यह हमारा ''ऐतिहासिक मिशन''
punjabkesari.in Wednesday, Jul 01, 2026 - 02:52 PM (IST)
International Desk: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ताइवान के मुद्दे पर एक बार फिर अपना कड़ा रुख दोहराते हुए कहा है कि ताइवान का मुख्यभूमि चीन के साथ पुनर्एकीकरण (Reunification) चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (CPC) का "ऐतिहासिक मिशन" और "अटल संकल्प" है। उन्होंने यह टिप्पणी चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की स्थापना की 105वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित एक समारोह में की। चीनी सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, शी जिनपिंग ने अपने संबोधन में कहा कि चीन की सशस्त्र सेनाओं पर कम्युनिस्ट पार्टी का पूर्ण नेतृत्व बना रहेगा। उन्होंने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और चीन के दीर्घकालिक विकास के लिए आवश्यक बताया।
चीन का दावा है कि ताइवान उसका अभिन्न हिस्सा है और भविष्य में उसका मुख्यभूमि चीन के साथ पुनर्एकीकरण होना चाहिए। बीजिंग लंबे समय से "वन चाइना" (One China Policy) के सिद्धांत पर कायम है और ताइवान को एक अलग संप्रभु देश के रूप में मान्यता नहीं देता। दूसरी ओर, ताइवान की निर्वाचित सरकार स्वयं को एक स्वशासित लोकतांत्रिक इकाई मानती है और बीजिंग के शासन को स्वीकार नहीं करती। ताइवान का मुद्दा चीन और अमेरिका सहित कई पश्चिमी देशों के बीच तनाव का प्रमुख कारण बना हुआ है।
अमेरिका ताइवान को औपचारिक रूप से स्वतंत्र देश के रूप में मान्यता नहीं देता, लेकिन उसकी सुरक्षा और रक्षा क्षमता का समर्थन करता है। चीन ताइवान के आसपास लगातार सैन्य अभ्यास करता रहा है और किसी भी बाहरी हस्तक्षेप का विरोध करता है। हाल के वर्षों में ताइवान जलडमरूमध्य (Taiwan Strait) में सैन्य गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि शी जिनपिंग का यह बयान दर्शाता है कि चीन ताइवान के मुद्दे पर अपनी नीति में किसी तरह की नरमी के संकेत नहीं दे रहा। ऐसे बयान एशिया-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा और चीन-पश्चिम संबंधों पर आगे भी प्रभाव डाल सकते हैं।
