प्राइवेट स्कूल ने छात्रों से 100 अधिक मोबाइल किए जब्त; मैदान में उनके सामने हथौड़ों से तोड़े, छिड़ गया नया विवाद (Video)

punjabkesari.in Monday, Jun 29, 2026 - 08:15 PM (IST)

International Desk: चीन के हुनान प्रांत के चेनझोउ (Chenzhou) शहर स्थित एक निजी बोर्डिंग स्कूल में छात्रों से जब्त किए गए 100 से अधिक मोबाइल फोन सार्वजनिक रूप से हथौड़ों से तोड़ दिए गए। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्कूल की कार्रवाई को लेकर देशभर में विवाद छिड़ गया है। स्थानीय शिक्षा अधिकारियों ने इस कदम को "अनुचित" बताते हुए जांच शुरू कर दी है। स्थानीय मीडिया के अनुसार, यह घटना बेइहू जिले (Beihu District) स्थित जिंगहुआयुआन स्कूल (Jinghuayuan School) में हुई। वायरल वीडियो में स्कूल के खेल मैदान में मंच के सामने दर्जनों मोबाइल फोन जमीन पर रखे दिखाई देते हैं। इसके बाद दो कर्मचारी हथौड़ों से एक-एक कर सभी फोन तोड़ते नजर आते हैं, जबकि हजारों छात्र यह दृश्य देखते रहते हैं। बताया गया कि इस दौरान मंच से स्कूल का एक अधिकारी छात्रों को स्कूल के नियमों का पालन करने की चेतावनी भी दे रहा था।

 

करीब 5,000 छात्रों वाले इस निजी बोर्डिंग स्कूल का कहना है कि नष्ट किए गए मोबाइल वे थे जिन्हें कई वर्षों पहले छात्रों से जब्त किया गया था और जिन्हें किसी ने वापस लेने का दावा नहीं किया। स्कूल प्रशासन के अनुसार, यह कार्रवाई छात्रों को स्कूल में मोबाइल फोन लाने से रोकने और अनुशासन बनाए रखने के उद्देश्य से की गई थी।  वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने स्कूल की कड़ी आलोचना की। कई लोगों ने सवाल उठाया कि जब मोबाइल छात्रों की निजी संपत्ति थे, तो स्कूल उन्हें कैसे नष्ट कर सकता है। कुछ लोगों ने यह भी पूछा कि जब फोन जब्त किए गए थे, तो क्या उनका कोई आधिकारिक रिकॉर्ड तैयार किया गया था?कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि चीन के नाबालिगों की सुरक्षा संबंधी नियमों के अनुसार, स्कूल छात्रों की निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाकर अनुशासन लागू नहीं कर सकते।

 

वकीलों के मुताबिक, मोबाइल फोन जब्त करना केवल अस्थायी प्रशासनिक कदम हो सकता है। इससे उनके स्वामित्व का अधिकार स्कूल को नहीं मिल जाता। यदि कोई छात्र या अभिभावक मुआवजे की मांग करता है, तो स्कूल कानूनी रूप से जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।  बेइहू जिला शिक्षा ब्यूरो ने भी स्कूल की कार्रवाई को अनुचित बताया है। अधिकारियों ने कहा कि मोबाइल फोन चाहे लंबे समय से बिना दावा किए पड़े हों, फिर भी वे निजी संपत्ति हैं और उन्हें मनमाने ढंग से नष्ट नहीं किया जा सकता।शिक्षा विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है और कहा है कि जांच पूरी होने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।

 


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Content Writer

Tanuja

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