चीन की सैन्य कमान में बड़ा फेरबदल, CMC में अब सिर्फ 2 सक्रिय सदस्य

punjabkesari.in Thursday, Oct 01, 2026 - 08:22 PM (IST)

चीन : चीन अपने राष्ट्रीय दिवस के मौके पर ऐसे समय में सैन्य नेतृत्व के बड़े फेरबदल के बीच है, जब केंद्रीय सैन्य आयोग (CMC) में अब केवल दो सक्रिय सदस्य रह गए हैं। 21 सितंबर को सरकारी मीडिया ने घोषणा की थी कि CMC के पहले उपाध्यक्ष झांग यूक्सिया और ज्वाइंट स्टाफ विभाग के प्रमुख लियू झेनली को कम्युनिस्ट पार्टी और सेना से निष्कासित कर दिया गया है। दोनों पर गुटबाजी करने, पार्टी के प्रति वफादारी नहीं रखने और भ्रष्टाचार से जुड़े आरोप लगाए गए हैं।

चीन की पूरी सैन्य व्यवस्था को नियंत्रित करने वाले केंद्रीय सैन्य आयोग में शी चिनफिंग के तीसरे कार्यकाल की शुरुआत में सात सदस्य थे। हालिया कार्रवाई के बाद इसकी शीर्ष कमान में सिर्फ दो सक्रिय सदस्य बचे हैं। झांग और लियू के खिलाफ जांच जनवरी में शुरू हुई थी और अगस्त में उन्हें उनके पदों से हटा दिया गया था।

झांग यूक्सिया चीन के उन वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों में शामिल थे, जिन्हें युद्ध का वास्तविक अनुभव था। उन्होंने 1979 में वियतनाम के खिलाफ युद्ध के दौरान एक कंपनी की कमान संभाली थी और 1984 में लाओशान क्षेत्र में चीनी सैनिकों का नेतृत्व किया था। वह अमेरिका के साथ चीन की सैन्य बातचीत में भी अहम भूमिका निभाते रहे थे और 2024 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन से मुलाकात कर चुके थे।

झांग और लियू को हटाए जाने से पहले चीन के दो रक्षा मंत्रियों और केंद्रीय सैन्य आयोग के पूर्व पहले उपाध्यक्ष हे वेइडोंग को भी उनके पदों से हटाया जा चुका है। वहीं, PLA के भ्रष्टाचार-रोधी निकाय के प्रमुख झांग शेंगमिन को उपाध्यक्ष के पद पर पदोन्नत किया गया था।

ताइवान को लेकर 2027 का लक्ष्य

चीन के सैन्य नेतृत्व में यह बदलाव ऐसे समय हुआ है जब शी चिनफिंग ने 2027 को PLA की स्थापना की 100वीं वर्षगांठ के रूप में एक महत्वपूर्ण लक्ष्य के तौर पर निर्धारित किया है। अमेरिकी और अन्य विदेशी विश्लेषक लंबे समय से इस बात का आकलन कर रहे हैं कि क्या PLA तब तक ताइवान के खिलाफ संभावित सैन्य अभियान के लिए जरूरी क्षमता हासिल कर पाएगी।

जेम्सटाउन फाउंडेशन के शोधकर्ताओं ने अप्रैल में अपने विश्लेषण में तर्क दिया था कि झांग यूक्सिया और लियू झेनली को हटाए जाने से PLA की रणनीतिक स्तर पर संयुक्त सैन्य योजना बनाने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। उनके अनुसार, जमीन, समुद्र और हवा में एक साथ अभियान चलाने के लिए जिस संयुक्त कमान और योजना की जरूरत होती है, उस पर इन बदलावों का असर पड़ सकता है।

हालांकि, 2027 के लक्ष्य को लेकर अलग-अलग विशेषज्ञों के आकलन हैं और किसी सैन्य अभियान की वास्तविक क्षमता का आकलन केवल वरिष्ठ अधिकारियों के बदलाव के आधार पर नहीं किया जा सकता।

समुद्र में बढ़ती तनातनी

चीन के सैन्य नेतृत्व में बदलाव के बीच दक्षिण चीन सागर में फिलीपींस के साथ तनाव भी सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार, पलावान से करीब 54 नॉटिकल मील दूर चीन के कोस्ट गार्ड के जहाज ने फिलीपींस के एक मछली पकड़ने वाले जहाज के सामने कई बार रास्ता काटा, जिसके बाद दोनों जहाजों के बीच टक्कर हुई।

27 सितंबर को PLA के सदर्न थिएटर कमांड ने स्कारबोरो शोल के पास नौसेना और वायुसेना का संयुक्त अभ्यास किया। इसी दौरान चीनी कोस्ट गार्ड ने जहाज पर चढ़ने और जबरन टो करने का अभ्यास भी किया। विशेषज्ञों के मुताबिक, चीन की सैन्य क्षमता का आकलन केवल युद्ध लड़ने की क्षमता से नहीं, बल्कि संकट के दौरान घटनाओं को नियंत्रित करने और उन्हें बड़े टकराव में बदलने से रोकने की क्षमता से भी किया जाना चाहिए।


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News Editor

Parveen Kumar

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