ट्रंप का बड़ा ऐलान, चीन पर बढ़त बनाए रखने के लिए ''AI फोर्स'' बनाने और ''AI जार'' नियुक्त करने की घोषणा

punjabkesari.in Sunday, Sep 20, 2026 - 08:26 AM (IST)

वॉशिंगटन डीसी : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देश के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) उद्योग को बढ़ाने और चीन व अन्य देशों पर अपनी बढ़त बनाए रखने के लिए अपने प्रशासन की कोशिशों के तहत "AI फोर्स" बनाने और एक "AI जार" नियुक्त करने की योजना की घोषणा की। 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि उनका प्रशासन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विकास में बाधा डालने या उसे "दबाने" की कोशिशों को बर्दाश्त नहीं करेगा। 

ट्रंप ने कहा, 'पिछले कुछ सालों में हमारे देश को बर्बाद करने के मकसद से 'रैडिकल लेफ्ट डेमोक्रेट्स' ने कई झूठी बातें (hoaxes) फैलाई हैं। रूस, रूस, रूस; यूक्रेन, यूक्रेन, यूक्रेन; ग्लोबल वार्मिंग; महाभियोग का पहला और दूसरा झूठा मामला; महिलाओं के खेलों में पुरुषों का शामिल होना; सबके लिए ट्रांसजेंडर की बात; और अब AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को खत्म या बर्बाद करने की कोशिश, मैं अमेरिका का राष्ट्रपति होने के नाते ऐसा नहीं होने दूंगा। यह सब हमारे डेटा सेंटरों पर हमले से शुरू हुआ था, जबकि लोगों को बाद में पता चला कि जिन समुदायों में ये बने थे, उनके लिए ये कितने फायदेमंद और प्रतिष्ठित थे। इसका नतीजा बेहतर सैलरी, कम टैक्स और सुरक्षित सड़कों के रूप में सामने आया, और डेटा सेंटरों पर पागलपन भरा हमला काफी हद तक नाकाम रहा। इसलिए अब ठीक वैसे ही जैसे उन्होंने 'ग्लोबल वार्मिंग' शब्द को बदलकर 'क्लाइमेट चेंज' (जलवायु परिवर्तन) कर दिया था, ताकि इसमें शक का एक बहुत बड़ा दायरा शामिल हो सके, वे सीधे AI पर निशाना साध रहे हैं।' 

उन्होंने कहा कि प्रशासन मौजूदा कानूनी तरीकों से AI के नुकसानदेह इस्तेमाल से निपटने की भी कोशिश करेगा। उन्होंने कहा, 'हम किसी भी तरह से इस शानदार उद्योग के विकास में बाधा नहीं डालेंगे और न ही इसे दबाएंगे। बल्कि, हम इसे बढ़ावा देंगे, इसकी मदद करेंगे और इसके विकास पर नजर रखेंगे! हालांकि, हम गलत कामों पर भी नजर रखेंगे, और अपने मौजूदा क्रिमिनल और सिविल जस्टिस सिस्टम के जरिए ऐसा बहुत आसानी से कर सकते हैं।' 

ट्रंप ने कहा, 'इस मकसद के लिए मैं AI फोर्स बना रहा हूं, ठीक वैसे ही जैसे मैंने अपने पहले कार्यकाल में स्पेस फोर्स बनाई थी, जो बहुत सफल रही। इसके लिए मैं जल्द ही AI 'जार' (प्रमुख) का ऐलान करूंगा — सिर्फ हाई IQ वाले लोग ही अप्लाई करें! AI अगली इंडस्ट्रियल रेवोल्यूशन या इंटरनेट जैसा है, लेकिन यह उससे भी बड़ा और ज्यादा असरदार होगा, शायद हमारे देश की GDP का 25% तक। हम चीन और बाकी दुनिया से आगे हैं, और मैं इसे ऐसे ही बनाए रखना चाहता हूं!' 

ट्रंप की ये बातें AI इंफ्रास्ट्रक्चर में बढ़ते निवेश और इस टेक्नोलॉजी से होने वाले आर्थिक फायदों पर बढ़ती बहस के बीच आई हैं। टेस्ला और स्पेसएक्स के प्रमुख एलन मस्क ने हाल ही में कहा था कि AI अमेरिका की आर्थिक विकास दर को काफी तेजी से बढ़ा सकता है। मस्क ने X पर कहा, 'मेरा अंदाजा है कि AI अगले साल अमेरिका की GDP ग्रोथ को लगभग दोगुना कर देगा — ~2% से ~4% तक, शायद इससे भी ज्यादा।' 

ये बातें ऐसे समय में आई हैं जब बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियां AI डेटा सेंटरों, कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और एडवांस्ड मॉडल में भारी निवेश कर रही हैं। ब्रोकरेज फर्म डोलाट कैपिटल की हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि AI निवेश का चक्र एक बड़े मैक्रो-इकोनॉमिक टेस्ट से गुजर रहा है; उधार लेने की ज्यादा लागत और बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी से बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर पर होने वाले खर्च के लिए फंडिंग का बोझ बढ़ सकता है। 

ब्रोकरेज ने AI से कमाई (मॉनेटाइज़ेशन) को भी एक बड़ी अनिश्चितता के तौर पर देखा है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या लगातार महंगे होते AI सिस्टम से होने वाली कमाई निवेश की रफ्तार को सही ठहराने के लिए काफी होगी। रिपोर्ट में कहा गया, 'मुख्य जोखिम AI की मांग नहीं है, बल्कि यह है कि क्या अतिरिक्त निवेश खर्च की मौजूदा रफ़्तार को बनाए रखने के लिए काफी रिटर्न देता रहेगा।' डोलाट कैपिटल ने कहा कि AI निवेश का अगला चरण हाइपरस्केलर गाइडेंस, कमाई की रफ्तार और लंबी अवधि की ब्याज दरों की दिशा पर निर्भर करेगा। 
 


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Content Writer

Sanjeev

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