ईरान के राष्ट्रपति का बड़ा बयानः “खामेनेई की हत्या मुसलमानों के खिलाफ युद्ध की घोषणा”, शीर्ष धर्मगुरु बोले-"खून का बदला..."
punjabkesari.in Sunday, Mar 01, 2026 - 05:39 PM (IST)
International Desk: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन (Masoud Pezeshkian) ने कहा कि सुप्रीम लीडर Ali Khamenei की हत्या “दुनिया भर के मुसलमानों, खासकर शिया समुदाय, के खिलाफ खुली जंग की घोषणा” है। राज्य टीवी पर प्रसारित बयान में उन्होंने इसे ईरान की संप्रभुता पर सीधा हमला बताया।ईरान के कुछ शीर्ष शिया धर्मगुरुओं ने भी अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद अमेरिका और इज़राइल के खिलाफ कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
🚨🇮🇷 Top Iranian clerics are ordering Muslims worldwide to wage jihad against the U.S. and Israel over Khamenei's killing.
— Mario Nawfal (@MarioNawfal) March 1, 2026
99-year-old Grand Ayatollah Makarem Shirazi is calling revenge a "religious duty of all Muslims" to "eradicate the evil of these criminals."
Another… https://t.co/wo0z2eiDYu pic.twitter.com/J5uywQjWCB
ग्रैंड अयातुल्ला मकारेम शिराज़ी और अयातुल्ला नूरी हमदानी ने इसे धार्मिक कर्तव्य बताया। ईरान के 99 वर्षीय शिया धर्मगुरु Naser Makarem Shirazi (ग्रैंड अयातुल्ला मकारेम शिराज़ी) ने कथित तौर पर कहा कि खामेनेई की हत्या का बदला लेना “सभी मुसलमानों का धार्मिक कर्तव्य” है और अपराधियों के “खात्मे” की बात कही। दूसरे वरिष्ठ धर्मगुरु Hossein Nouri Hamedani (अयातुल्ला नूरी हमदानी) ने एक फतवा जारी कर कहा कि खामेनेई के “खून का बदला लेना” अनिवार्य है।ज़राइल की सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल Nadav Shoshani ने कहा कि शनिवार को किए गए पहले हमले में 40 वरिष्ठ कमांडरों को मार गिराया गया, जिनमें खामेनेई भी शामिल थे।
फिलीस्तीनी संगठन Hamas ने खामेनेई की मौत पर शोक व्यक्त करते हुए इसे “घिनौना” अमेरिकी-इज़राइली हमला बताया। हमास ने कहा कि खामेनेई ने राजनीतिक, कूटनीतिक और सैन्य स्तर पर उनके आंदोलन को समर्थन दिया था। इज़राइल में रह रहीं भारतीय वैज्ञानिकों ने सोशल मीडिया पर बम शेल्टर में बिताई जा रही रातों के वीडियो साझा किए। लगातार बजते एयर-रेड सायरन और मिसाइल हमलों के बीच नागरिकों को शेल्टर में शरण लेनी पड़ रही है। “हम ठीक से सो भी नहीं पाते,” ऐसा एक वीडियो में कहा गया।
