ईरान-अमेरिका सीजफायर पर भारत का बड़ा बयानः शांति की दिशा में यह सकारात्मक कदम, होर्मुज विवाद का भी हो समाधान
punjabkesari.in Wednesday, Apr 08, 2026 - 03:10 PM (IST)
International Desk: भारत ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए युद्धविराम का स्वागत करते हुए कहा है कि यह पश्चिम एशिया में शांति की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। Ministry of External Affairs (विदेश मंत्रालय) ने अपने आधिकारिक बयान में उम्मीद जताई कि यह अस्थायी समझौता आगे चलकर स्थायी शांति का रास्ता बनाएगा। भारत ने दोहराया कि वह लगातार तनाव कम करने (de-escalation), बातचीत और कूटनीति का समर्थन करता रहा है। मंत्रालय ने कहा कि मौजूदा संघर्ष को खत्म करने का यही सबसे प्रभावी तरीका है।

सरकार ने इस युद्ध के मानवीय और आर्थिक असर पर भी चिंता जताई। बयान में कहा गया कि इस संघर्ष ने लोगों को भारी नुकसान पहुंचाया है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति तथा व्यापार नेटवर्क को बुरी तरह प्रभावित किया है। भारत ने खास तौर पर Strait of Hormuz का जिक्र करते हुए कहा कि यहां से वैश्विक व्यापार और तेल सप्लाई निर्बाध रूप से जारी रहनी चाहिए। यह समुद्री मार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल रूट्स में से एक है, जहां किसी भी रुकावट का सीधा असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के खिलाफ “हमले और बमबारी” को अस्थायी रूप से रोकने का ऐलान किया है।
ट्रंप ने दो हफ्ते के “डबल साइडेड सीजफायर” की घोषणा करते हुए कहा कि ईरान की 10-पॉइंट योजना बातचीत के लिए एक मजबूत आधार हो सकती है। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिका अपने अधिकांश सैन्य लक्ष्यों को हासिल कर चुका है और अब स्थायी शांति समझौते की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने यह फैसला पाकिस्तान के नेताओं के साथ बातचीत के बाद लिया, जिन्होंने हालात को शांत करने की अपील की थी। भारत ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि पश्चिम एशिया में स्थिरता, शांति और सुरक्षित व्यापार मार्ग उसके लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में भारत का यह बयान वैश्विक मंच पर संतुलित और कूटनीतिक रुख को दर्शाता है।
