युद्धविराम पर पूर्व भारतीय राजनेता का बड़ा बयानः “जंग में ट्रंप ने मुंह की खाई, ईरान हर तरह से जीता ! मिला ‘एडवांटेज प्लस’
punjabkesari.in Wednesday, Apr 08, 2026 - 01:30 PM (IST)
International Desk: भारत के पूर्व केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री एम.जे. अकबर (M J Akbar) ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए युद्धविराम पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यह युद्ध ऐसे खत्म हुआ है, जिसमें साफ तौर पर ईरान को “एडवांटेज प्लस” मिला है। अकबर के मुताबिक, युद्ध की शुरुआत में Donald Trump और Benjamin Netanyahu का लक्ष्य ईरान में सत्ता परिवर्तन (Regime Change) था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि किसी सुपरपावर के खिलाफ टिके रहना ही ईरान की बड़ी जीत है। जबकि इस जंग में एक तरह से ट्रंप को मुंह की खानी पड़ी है और उसकी छवि वैश्विक स्तर पर धूमिल हुई है।
तेल पर बड़ी जीत
अकबर ने कहा कि सबसे बड़ा फायदा यह हुआ कि ईरान का तेल अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में बिना प्रतिबंध के उपलब्ध हो सकता है। इससे ईरान की अर्थव्यवस्था को बड़ा बूस्ट मिलेगा और वह आने वाले समय में आर्थिक रूप से और मजबूत होगा।
होर्मुज जलडमरूमध्य बना ‘गेम चेंजर’
Strait of Hormuz पर ईरान की पकड़ को अकबर ने उसकी सबसे बड़ी रणनीतिक ताकत बताया। उनके अनुसार, दुनिया की करीब 40% ऊर्जा जरूरतें इसी रास्ते से गुजरती हैं और यहां नियंत्रण से ईरान वैश्विक स्तर पर प्रभावशाली बन गया है। अकबर ने कहा कि ईरान जहाजों से गुजरने पर टोल लगाने की योजना बना रहा है और इसे Oman के साथ साझा करने की बात कर रहा है। अगर यह लागू होता है, तो ईरान को आने वाले वर्षों में भारी राजस्व मिल सकता है।
रक्षा क्षेत्र में उछाल
अकबर के अनुसार, ईरान की सैन्य ताकत भी इस युद्ध में उभरकर सामने आई है। कम लागत वाले ड्रोन और मिसाइलों से उसने यह दिखाया कि वह महंगे हथियारों को भी चुनौती दे सकता है। इससे उसके रक्षा निर्यात में तेजी आ सकती है।
अमेरिका की छवि पर असर
अकबर ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम में अमेरिका पहले से ज्यादा अलग-थलग नजर आया है।उन्होंने दावा किया कि अमेरिका की विश्वसनीयता और उसके गठबंधन कमजोर हुए हैं, जिससे वैश्विक राजनीति में बड़ा बदलाव आ सकता है। एमजे अकबर के अनुसार, यह युद्ध केवल सैन्य संघर्ष नहीं था, बल्कि रणनीतिक और आर्थिक शक्ति का खेल था जिसमें ईरान ने खुद को मजबूत क्षेत्रीय ताकत के रूप में स्थापित कर लिया है, जबकि अमेरिका की स्थिति पर सवाल खड़े हुए हैं।
कौन हैं एम.जे. अकबर?
- MJ Akbar भारत के एक वरिष्ठ पत्रकार, लेखक और राजनेता हैं।
- उनका पूरा नाम मोबाशर जावेद अकबर (Mobasher Jawed Akbar) है।
- एम.जे. अकबर ने भारत की पत्रकारिता में बड़ा नाम कमाया।
- एम.जे. अकबर Bharatiya Janata Party (BJP) से जुड़े।
- वे भारत सरकार में विदेश राज्य मंत्री (Minister of State for External Affairs) रहे।
- उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और विदेश नीति के मामलों में सक्रिय भूमिका निभाई।
- एम.जे. अकबर ने कई किताबें लिखी हैं, खासकर इतिहास और राजनीति पर।
- उनकी चर्चित किताबों में Tinderbox: The Past and Future of Pakistan, The Shade of Swords शामिल हैं।
- 2018 में #MeToo आंदोलन के दौरान उन पर आरोप लगे, जिसके बाद उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया।
- उन्होंने इन आरोपों को नकारा और कानूनी कार्रवाई भी की।
