ट्रंप की डेडलाइन समाप्ति से पहले ही बड़े अटैक शुरू ! अमेरिका-इजराइल ने ईरान के 3 पुल उड़ाए, कई मौतें व ट्रेन सेवाएं बंद
punjabkesari.in Tuesday, Apr 07, 2026 - 06:05 PM (IST)
International Desk: ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमले तेज हो गए हैं। डोनाल्ड ट्रंप की तय समय-सीमा खत्म होने से पहले ही ईरान में कई रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, कम से कम तीन बड़े पुलों को निशाना बनाकर उड़ा दिया गया है। उत्तर-पश्चिम ईरान के तबरेज-जांजन हाईवे पर बने एक अहम पुल को पूरी तरह तबाह कर दिया गया। वहीं काशान में एक रेलवे पुल पर हमले में दो लोगों की मौत और तीन के घायल होने की खबर है।मशहद में हालात को देखते हुए ट्रेन सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी गई हैं। स्थानीय प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है, क्योंकि रेलवे नेटवर्क पर हमले की आशंका जताई गई थी।
🚨 President Trump gives Iran until Tuesday at 8:00 PM ET to make a deal or he will blow up Iranian power plants and bridges. pic.twitter.com/wm9VdQLJmp
— Global News & Geopolitics 🌍 (@GlobalNewsGeo) April 6, 2026
इसके अलावा तेहरान, कोम और लोरेस्तान समेत कई इलाकों में धमाकों की खबरें सामने आई हैं। मेहराबाद एयरपोर्ट और एक बिजली संयंत्र को भी निशाना बनाए जाने की बात कही गई है। रणनीतिक रूप से अहम खार्ग द्वीप पर भी दोबारा हमला हुआ है, जहां से तेल निर्यात किया जाता है। यहां हमले के बाद धुएं के गुबार उठते देखे गए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पारचिन कॉम्प्लेक्स जो मिसाइल और रक्षा उत्पादन से जुड़ा एक संवेदनशील सैन्य ठिकाना है वहां भी बड़ा धमाका हुआ है। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, उत्तरी अल्बोर्ज़ प्रांत में हवाई हमले में कम से कम 18 लोगों की मौत हुई है।
वहीं कई रिहायशी इलाकों को भी नुकसान पहुंचने की खबर है। इज़राइल की सेना का दावा है कि हाल के हमलों में 130 से अधिक ईरानी एयर डिफेंस सिस्टम नष्ट कर दिए गए हैं, जिससे ईरान की रक्षा क्षमता को बड़ा झटका लगा है। यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय में हो रहा है जब अमेरिका ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के लिए ईरान को अल्टीमेटम दिया हुआ है। चेतावनी दी गई थी कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो ईरान के पुलों और ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाया जाएगा जो अब होता दिख रहा है। इस बीच, ईरान ने अपने पड़ोसी देशों से अपील की है कि वे अमेरिका को अपने हवाई क्षेत्र या जमीन का इस्तेमाल न करने दें।
