ईरान ने की पुष्टिः युद्ध रोकने के लिए अमेरिका से बातचीत जारी, पाकिस्तान के जरिए नए प्रस्ताव पर दोनों देशों ने भेजी टिप्पणियां
punjabkesari.in Monday, May 18, 2026 - 02:27 PM (IST)
International Desk: पश्चिम एशिया में जारी तनाव और युद्ध जैसे हालात के बीच ईरान ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा है कि अमेरिका के साथ बातचीत अभी भी जारी है और इसमें पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने सोमवार को तेहरान में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि अमेरिका और ईरान दोनों ने तेहरान के हालिया प्रस्ताव पर अपनी-अपनी टिप्पणियां भेज दी हैं। उन्होंने संकेत दिए कि बैकडोर डिप्लोमेसी के जरिए युद्ध रोकने की कोशिशें जारी हैं। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तानी सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान ने रविवार रात ईरान का संशोधित शांति प्रस्ताव अमेरिका तक पहुंचाया। सूत्रों ने कहा कि “समय बहुत कम है” और दोनों पक्ष लगातार अपनी शर्तें बदल रहे हैं, जिससे समझौते तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है।
इस बीच ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और सऊदी अरब के साथ संबंधों को लेकर भी सफाई दी। इस्माइल बकाई ने कहा कि ईरान की यूएई से कोई दुश्मनी नहीं है। उनका बयान ऐसे समय आया जब यूएई और सऊदी अरब में ड्रोन हमलों की खबरें सामने आईं। यूएई अधिकारियों के अनुसार, अबू धाबी के पास एक परमाणु संयंत्र के नजदीक ड्रोन हमले के बाद आग लग गई थी, हालांकि संयंत्र को कोई नुकसान नहीं पहुंचा और सभी यूनिट सामान्य रूप से काम करती रहीं। वहीं सऊदी अरब ने दावा किया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने इराकी हवाई क्षेत्र से आए तीन ड्रोन मार गिराए।
ईरानी प्रवक्ता ने यह भी बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित नौवहन को लेकर ओमान के साथ बातचीत चल रही है। इस जलमार्ग से दुनिया की बड़ी तेल आपूर्ति गुजरती है और यहां तनाव बढ़ने से वैश्विक ऊर्जा बाजारों में चिंता बनी हुई है। ईरान ने साफ किया कि उसकी प्रमुख मांगों में विदेशी बैंकों में जमा ईरानी फंड जारी करना और अमेरिकी प्रतिबंध हटाना शामिल है। विश्लेषकों का मानना है कि पाकिस्तान खुद को अमेरिका और ईरान के बीच एक अहम मध्यस्थ के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहा है, ताकि क्षेत्र में बढ़ते युद्ध के खतरे को रोका जा सके।
