'पाकिस्तान में लड़की ने अपनी पसंद से करनी थी शादी, परिवार ने दे दी मौत, इटली के कोर्ट ने सुनाया ऐतिहासिक फैसला
punjabkesari.in Thursday, Jul 16, 2026 - 12:17 PM (IST)
International Desk: इटली की सुप्रीम कोर्ट ने पाकिस्तानी मूल की 18 वर्षीय समन अब्बास की ऑनर किलिंग मामले में अंतिम फैसला सुनाते हुए उसके माता-पिता समेत परिवार के पांच सदस्यों की सजा बरकरार रखी है। अदालत ने समन के पिता शब्बर अब्बास, मां नाजिया शाहीन, चचेरे भाइयों इजाज इकराम और नोमानुल हक की उम्रकैद की सजा को कायम रखा, जबकि चाचा दानिश हसनैन की 22 साल की जेल की सजा भी बरकरार रखी गई। समन अब्बास की अप्रैल 2021 में उत्तरी इटली के नोवेल्लारा शहर में हत्या कर दी गई थी। परिवार उस पर पाकिस्तान में रहने वाले चचेरे भाई से जबरन शादी करने का दबाव बना रहा था, लेकिन उसने इससे इनकार कर दिया था।
Con la sentenza definitiva per l'omicidio di Saman Abbas si chiude una dolorosa vicenda giudiziaria.
— Giorgia Meloni (@GiorgiaMeloni) July 15, 2026
Saman, giovane di origine pakistana in Italia, è stata uccisa dai suoi genitori e da alcuni familiari dopo essersi opposta a un matrimonio forzato e aver rivendicato il diritto… pic.twitter.com/nFrH3QyoId
समन ने 2020 में अपने परिवार के फैसले का विरोध किया था। नाबालिग होने के दौरान उसने इटली की सोशल सर्विस और पुलिस से मदद मांगी थी। उसे कुछ समय के लिए शेल्टर होम में भी रखा गया, लेकिन 11 अप्रैल 2021 को वह दोबारा परिवार के पास लौट गई। 5 मई 2021 को जब पुलिस उसके घर पहुंची तो घर खाली मिला। जांच में पता चला कि उसके माता-पिता पाकिस्तान चले गए थे, लेकिन समन उनके साथ नहीं थी। जांच के दौरान 29 अप्रैल 2021 की सीसीटीवी फुटेज सामने आई, जिसमें परिवार के पांच सदस्य फावड़े, लोहे की रॉड और बाल्टी लेकर घर से बाहर जाते और करीब ढाई घंटे बाद लौटते दिखाई दिए। यही फुटेज हत्या की जांच में सबसे अहम सबूत साबित हुई।
हत्या के बाद समन के माता-पिता पाकिस्तान भाग गए थे, लेकिन बाद में उन्हें प्रत्यर्पित कर इटली लाया गया, जहां उन पर मुकदमा चला। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह एक दर्दनाक न्यायिक लड़ाई का अंत है। उन्होंने कहा, "कोई भी फैसला समन की जान वापस नहीं ला सकता, लेकिन इस बर्बर अपराध के दोषियों को सजा मिलना जरूरी था।" मेलोनी ने कहा कि इटली में किसी भी महिला की आजादी, सम्मान और जीवन को तथाकथित सांस्कृतिक या धार्मिक कारणों से छीनने वालों के लिए कोई जगह नहीं है। इसी बीच, पिछले महीने इटली के रेजियो एमिलिया शहर में रहने वाले एक पाकिस्तानी दंपति को अपनी 22 वर्षीय बेटी पर गर्भपात कराने और पाकिस्तान में चचेरे भाई से जबरन शादी कराने के लिए मजबूर करने के मामले में दो-दो साल की जेल की सजा सुनाई गई थी।
