Iran Israel war: युद्ध के बीच ईरान में मचा कोहराम, 7 दिन में 1332 मौतें और 3000 घर हुए तबाह
punjabkesari.in Friday, Mar 06, 2026 - 06:38 PM (IST)
इंटरनेशनल डेस्क: ईरान और इजरायल, अमेरिका के बीच युद्ध को आज सात दिन चुके हैं। इस युद्ध को लेकर खबर सामने आई है कि ईरान में मरने वालों की संख्या 1332 हो गई है, जबकि 3,000 से ज्यादा घर तबाह हुए हैं।
तेहरान में कयामत की रात: आवासीय इलाकों पर बमबारी
शुक्रवार की रात ईरान की राजधानी तेहरान के लिए किसी दुःस्वप्न से कम नहीं थी। शहर के पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में धमाकों की गूँज इतनी तेज थी कि मीलों दूर तक धरती कांप उठी। विशेष रूप से तेहरान विश्वविद्यालय और आसपास के रिहायशी इलाकों को भारी नुकसान पहुँचा है। शिराज के जीबाशहर में हुए एक हमले ने रोंगटे खड़े कर दिए हैं, जहाँ एक ही झटके में 20 लोगों की जान चली गई। इसके अलावा इस्फ़हान और करमनशाह जैसे शहर भी आग की लपटों में घिरे हुए हैं।
'पेनिट्रेटर' बमों का किया इस्तेमाल
अमेरिकी और इजरायली सेना ने अब ईरान के सत्ता ढांचे और उसकी मिसाइल क्षमता को जड़ से खत्म करने के लिए 'फेज-2' शुरू कर दिया है। अमेरिकी द्वारा बी-2 स्टील्थ बॉम्बर्स के जरिए जमीन के अंदर गहराई में छिपे मिसाइल लॉन्चर्स को नष्ट करने के लिए 2,000 पाउंड के 'पेनिट्रेटर' बम गिराए जा रहे हैं। वहीं इजरायल ने आधुनिक रक्षा प्रणालियों और 6 प्रमुख लॉन्चर्स को तबाह करने का दावा किया है। भविष्य को लेकर अमेरिकी रक्षा सचिव ने साफ किया है कि यह तो बस शुरुआत है,आने वाले दिनों में फाइटर स्क्वाड्रन और बॉम्बर पल्स की संख्या में भारी इजाफा किया जाएगा।

बच्चों की मौत से दहली दुनिया
ईरान में हताहतों के आंकड़े रूह कंपा देने वाले हैं। अब तक 1,332 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 181 मासूम बच्चे शामिल हैं। यूनिसेफ की रिपोर्ट के अनुसार, मीनाब में एक गर्ल्स स्कूल पर हुए हमले ने सबसे ज्यादा जख्म दिए हैं। पूरे ईरान में अब तक 3,000 से अधिक घर और 14 अस्पताल मलबे में तब्दील हो चुके हैं। वहीं, इजरायल में भी 11 मौतें दर्ज की गई हैं और सैंकड़ों लोग अस्पतालों में भर्ती हैं।
बहरीन पर हमला
जंग की आग अब पड़ोसी देशों तक फैल गई है। बहरीन ने दावा किया है कि उसने अपनी सीमा में घुस रहे ईरान के 78 मिसाइलों और 143 ड्रोन्स को मार गिराया है। बहरीन ने इसे ईरान का "विश्वासघाती" कृत्य बताया है, जिससे खाड़ी देशों में तनाव चरम पर है।

जमीनी जंग की संभावना और 'वॉर क्राइम' का साया
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिलहाल जमीनी सेना भेजने से इनकार किया है। उनका मानना है कि ईरान अपनी नौसेना और ताकत खो चुका है, इसलिए पैदल सेना भेजना "समय की बर्बादी" होगी। हालांकि, ईरान ने पलटवार करते हुए इसे अमेरिका के लिए "ऐतिहासिक आपदा" करार दिया है।
इस बीच, रॉयटर्स की एक रिपोर्ट ने सनसनी फैला दी है। अमेरिकी सैन्य जांचकर्ताओं को संदेह है कि मीनाब के स्कूल पर हुआ घातक हमला अमेरिकी बलों की गलती हो सकती है। यदि यह सच साबित होता है, तो इसे आधुनिक इतिहास के सबसे बड़े 'युद्ध अपराध' (War Crime) के तौर पर देखा जाएगा।
