मुस्लिम देश की राजनीति में बवालः झूठ बोलकर 15 साल का बच्चा लड़ गया असेंबली चुनाव, सच्चाई सामने आई तो...(Video)

punjabkesari.in Tuesday, May 26, 2026 - 06:41 PM (IST)

International Desk:नाइजीरिया में एक बच्चा अचानक सोशल मीडिया पर छा गया, जब उसने संसद चुनाव लड़ने का दावा किया। महमूद सादिस बुबा नाम का यह बच्चा जारिया इलाके का रहने वाला बताया गया। उसने एक इंटरव्यू में कहा कि वह 30 साल का है, पहले ड्राइवर का काम करता था और अब जनता की सेवा करना चाहता है। उसका छोटा कद और बच्चा जैसा चेहरा देखकर लोग हैरान थे। बुबा ने कहा कि उसे ड्वार्फिज्म नाम की बीमारी है, जिसकी वजह से वह छोटा दिखता है। इंटरव्यू में उसका यह बयान  “लोगों ने मुझे सेवा के लिए बुलाया है”   सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। इसके बाद लोग उसे “वंडर ऑफ जारिया” कहने लगे।

 

शुरुआत में कई लोगों ने उसे नई पीढ़ी की राजनीति का चेहरा बताया। कुछ लोगों को लगा कि वह आम लोगों की आवाज बन सकता है। लेकिन कुछ ही दिनों बाद पूरा मामला विवाद में बदल गया। सोशल मीडिया पर कुछ दस्तावेज वायरल हुए, जिनमें कथित तौर पर उसका जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट और स्कूल रिकॉर्ड शामिल थे। इन दस्तावेजों के मुताबिक बुबा का जन्म 2010 में हुआ था। अगर यह सही है, तो उसकी उम्र केवल 15-16 साल बनती है। नाइजीरिया में संसद चुनाव लड़ने के लिए कम से कम 25 साल की उम्र जरूरी है। ऐसे में सवाल उठने लगे कि एक नाबालिग लड़का चुनाव प्रक्रिया तक पहुंचा कैसे।

 

विवाद तब और बढ़ गया जब एक पूर्व शिक्षक सामने आया। उसने दावा किया कि उसने बुबा को जूनियर क्लास में पढ़ाया था और उसकी उम्र लगभग 16 साल ही है। इसके बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने चुनाव व्यवस्था और राजनीतिक दलों की जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। शुरुआत में बुबा की पार्टी ने उसका बचाव किया और कहा कि यह राजनीतिक साजिश है। लेकिन जैसे-जैसे दस्तावेज और दावे सामने आते गए, पार्टी पर दबाव बढ़ गया। आखिरकार पार्टी ने उसे चुनाव से बाहर कर दिया। बाद में बुबा ने खुद भी एक पत्र जारी किया और चुनाव से हटने का ऐलान कर दिया।

 

 

हालांकि उसने सार्वजनिक रूप से अपनी असली उम्र को लेकर ज्यादा टिप्पणी नहीं की। इस पूरे मामले के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि उम्मीदवारों की जांच प्रक्रिया में इतनी बड़ी गलती कैसे हुई। लोग पूछ रहे हैं कि क्या यह सिस्टम की लापरवाही थी या फिर जानबूझकर नियमों को नजरअंदाज किया गया। सोशल मीडिया पर भी इस मामले को लेकर बहस जारी है। कुछ लोग बुबा के आत्मविश्वास और हिम्मत की तारीफ कर रहे हैं, जबकि कई लोग इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था की बड़ी कमजोरी बता रहे हैं।यह मामला अब Nigeria की राजनीति में बड़ा विवाद बन चुका है और पूरे अफ्रीका में चर्चा का विषय बना हुआ है।


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Content Writer

Tanuja

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