फ्रांस में जेनजी आंदोलन तेज, पुलिस से झड़प के दौरान ग्रेनेड फटने से 15 वर्षीय छात्र ने गंवाया हाथ
punjabkesari.in Friday, Oct 09, 2026 - 07:36 PM (IST)
पेरिस: फ्रांस में छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है छात्रों की बेकाबू भीड़ ने शहर को युद्ध का मैदान बना दिया है। वीडियो में मची अफरातफरी दिख रही है, जिसमें दंगाई पुलिस अधिकारियों को लात मारकर ज़मीन पर गिरा रहे हैं, चीज़ें फेंक रहे हैं और सड़कों पर खिड़कियां तोड़ रहे हैं। राजधानी में पूरी तरह से अराजकता फैल गई है।। स्कूलों की खराब स्थिति, कर्मचारियों की कमी और बेहतर सुविधाओं की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और पुलिस के बीच तनाव बढ़ गया है।
उत्तरी फ्रांस के लेंस शहर में प्रदर्शनकारी छात्रों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। इस दौरान एक बड़ा हादसा हुआ, जिसमें ग्रेनेड फटने से 15 वर्षीय छात्र का हाथ गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, छात्र ने पुलिस का ग्रेनेड उठा लिया था, तभी उसमें विस्फोट हो गया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। मामले की जांच की जा रही है। लेंस शहर में स्कूलों को लेकर चल रहा विरोध-प्रदर्शन तीसरे सप्ताह में पहुंच गया है। आंदोलन के बीच छात्रों ने मंगलवार को देशव्यापी प्रदर्शन करने का आह्वान किया। इससे सरकार और प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।
🚨🇫🇷 Paris descends into complete VIOLENT MADNESS Out of control student mobs have turned the city into a warzone. Footage shows the chaos as rioters kick officers to the floor while hurling projectiles and shattering windows across the street. Lawlessness has completely taken over the capital. Writer: Bri https://t.co/JKpInUgkBK
— Mario Nawfal (@MarioNawfal) October 9, 2026
वहीं, शिक्षा मंत्री एडुआर्ड ग्रेफ्रे ने उत्तरी पेरिस के उपनगरों में छात्रों से मुलाकात के बाद दावा किया कि प्रदर्शनों में छात्रों की भागीदारी कम हुई है। सरकार ने छात्रों की शिकायतों और नाराजगी को दूर करने के लिए एक नया प्लेटफॉर्म शुरू करने की भी बात कही है। दूसरी ओर, मानवाधिकार संगठनों ने पुलिस पर प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ सख्त तरीके अपनाने के आरोप लगाए हैं। छात्रों की मांग है कि स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं में सुधार किया जाए और कर्मचारियों की कमी दूर की जाए। फिलहाल, फ्रांस में छात्र आंदोलन, पुलिस की कार्रवाई और सरकार के रुख को लेकर बहस जारी है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि सरकार छात्रों की मांगों को दूर करने के लिए क्या कदम उठाती है।
