ईरान का अब कुवैत की बड़ी रिफाइनरी पर ड्रोन अटैक; भीषण आग से मचा हड़कंप, इजराईल में भी सुने गए जोरदार धमाके(Video)
punjabkesari.in Thursday, Mar 19, 2026 - 04:37 PM (IST)
International Desk: मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध और ज्यादा खतरनाक होता जा रहा है। ताजा घटनाओं में Tel Aviv के ऊपर जोरदार धमाके सुने गए, जिससे लोगों में दहशत फैल गई। ये धमाके ईरान के जवाबी हमलों से जुड़े माने जा रहे हैं। इससे पहले कुवैत की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरियों में से एक Mina Al-Ahmadi Refinery पर ईरानी ड्रोन हमले के बाद भीषण आग लग गई। हालांकि इस हमले में किसी के घायल होने की खबर नहीं है, लेकिन नुकसान बड़ा बताया जा रहा है। यह रिफाइनरी मिडिल ईस्ट की सबसे बड़ी इकाइयों में गिनी जाती है, जिसकी उत्पादन क्षमता करीब 7.3 लाख बैरल प्रतिदिन है।
BREAKING: Israel — Explosions reported in Tel Aviv and surrounding areas, casualties feared as situation escalates.#Israel #TelAviv #Dhurandhar2 #DhurandharTheRevenge pic.twitter.com/pCHTZ4aMJR
— Global Affairs 24 (@GlobalAffair24) March 19, 2026
ईरान ने बढ़ाए हमले
रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने अपने खिलाफ हुए हमलों के जवाब में कतर, कुवैत और यूएई जैसे खाड़ी देशों के ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाया है। कतर के LNG हब में भी मिसाइल हमलों के बाद आग लग गई, जिसे बाद में बुझा दिया गया, लेकिन वहां पहले ही उत्पादन रोक दिया गया था और अब और नुकसान हुआ है। यूएई में हबशान गैस प्लांट और बाब ऑयल फील्ड को भी बंद करना पड़ा। अधिकारियों ने इसे “खतरनाक उकसावा” बताया है।
BREAKING: Fire at Kuwait oil refinery after Iranian drone attack
— War Monitor (@WarMoni_tor) March 19, 2026
समुद्र में भी खतरा
- खाड़ी क्षेत्र में जहाजों पर भी खतरा बढ़ गया है।
- यूएई के तट के पास एक जहाज में आग लग गई
- कतर के पास एक और जहाज क्षतिग्रस्त हुआ
- इसका मुख्य कारण Strait of Hormuz पर बढ़ता खतरा है, जो दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक है।
- इस बढ़ते संघर्ष का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है।
- ब्रेंट क्रूड की कीमत 110 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई
- युद्ध शुरू होने के बाद तेल की कीमतों में 50% से ज्यादा उछाल आया
- वैश्विक ऊर्जा सप्लाई पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है
खाड़ी देशों की प्रतिक्रिया
कतर, सऊदी अरब और यूएई ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है। सऊदी अरब के शीर्ष राजनयिक ने कहा कि इन हमलों से “विश्वास पूरी तरह टूट गया है।”
अब यह साफ हो चुका है कि मिडिल ईस्ट की जंग “एनर्जी वॉर” में बदल गई है। तेल और गैस ठिकानों पर लगातार हमले न केवल क्षेत्र बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को हिला सकते हैं।
