कैथरीन कोनोली होंगी आयरलैंड की अगली राष्ट्रपति, प्रतिद्वंद्वी ने हार स्वीकार की

punjabkesari.in Sunday, Oct 26, 2025 - 01:28 AM (IST)

लंदनः वामपंथी विचारधारा वाली निर्दलीय उम्मीदवार कैथरीन कोनोली ने आयरलैंड में राष्ट्रपति पद का चुनाव जीत लिया है। उन्होंने मध्यमार्गी-दक्षिणपंथी प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ भारी मतों से जीत हासिल की है। कोनोली को सिन फेन सहित आयरलैंड की वामपंथी पार्टियों का समर्थन प्राप्त है। 

आधिकारिक परिणामों से पता चलता है कि कोनोली को राष्ट्रपति के रूप में मतदाताओं का भरपूर समर्थन मिला है। हालांकि, आयरलैंड में राष्ट्रपति की महज औपचारिक भूमिका होती है। कोनोली की प्रतिद्वंद्वी और मध्यमार्गी-दक्षिणपंथी पार्टी फाइन गेल की उम्मीदवार हीथर हम्फ्रीज ने आधिकारिक नतीजों से पहले ही शनिवार को राष्ट्रपति चुनाव में अपनी हार स्वीकार कर ली। 

हम्फ्रीज ने पत्रकारों से कहा, ‘‘मैं कैथरीन कोनोली को आयरलैंड की अगली राष्ट्रपति बनने पर बधाई देना चाहती हूं। कैथरीन हम सभी की राष्ट्रपति होंगी और वह मेरी भी राष्ट्रपति होंगी। मैं उन्हें ढेर सारी शुभकामनाएं देना चाहती हूं।'' पूर्व बैरिस्टर और 2016 से निर्दलीय सांसद रही कोनोली गाजा में युद्ध को लेकर इजराइल की मुखर आलोचक रही हैं। उन्होंने यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के बाद यूरोपीय संघ (ईयू) के बढ़ते ‘‘सैन्यीकरण'' को लेकर भी आगाह किया है। 

कोनोली माइकल डी हिगिंस की जगह लेंगी, जो 2011 से राष्ट्रपति हैं और सात-वर्षीय कार्यकाल अधिकतम दो बार पूरा कर चुके हैं। वह आयरलैंड की 10वीं राष्ट्रपति और इस पद पर आसीन होने वाली तीसरी महिला होंगी। कोनोली को सिन फेन, लेबर पार्टी और सोशल डेमोक्रेट्स सहित कई वामपंथी दलों का समर्थन प्राप्त है। 

प्रधानमंत्री माइकल मार्टिन ने शनिवार को कोनोली को उनकी ‘‘शानदार चुनावी जीत'' के लिए बधाई दी और कहा कि ‘‘यह स्पष्ट है कि वह आयरलैंड की अगली राष्ट्रपति होंगी।'' मार्टिन ने कहा कि वह नयी राष्ट्रपति के साथ काम करने के लिए उत्सुक हैं, क्योंकि ‘‘आयरलैंड वैश्विक मंच पर एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और हम 2026 की दूसरी छमाही में यूरोपीय संघ की अध्यक्षता करने के लिए उत्सुक हैं।'' 

शुरुआती मतगणना से पता चलता है कि कोनोली को 60 प्रतिशत से अधिक वोट मिले। मार्टिन की फियाना फेल पार्टी के उम्मीदवार जिम गेविन लंबे समय से जारी वित्तीय विवाद के कारण चुनाव से तीन हफ्ते पहले राष्ट्रपति पद की दौड़ से पीछे हट गए थे, जिसके बाद कोनोली और हम्फ्रीज ही मैदान में रह गए थे। 


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Content Writer

Pardeep

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