PM मोदी ने ईरानी राष्ट्रपति से की बात, हालात पर जताई चिंता, कहा- बातचीत और डिप्लोमेसी से हो सामाधान
punjabkesari.in Friday, Mar 13, 2026 - 06:12 AM (IST)
नेशनल डेस्कः प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार रात ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से फोन पर बात की और पश्चिम एशिया की ''गंभीर स्थिति'' पर चर्चा की। मोदी ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव और आम लोगों की जान जाने के साथ-साथ असैन्य बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान पर गहरी चिंता व्यक्त की। प्रधानमंत्री ने ईरान के राष्ट्रपति को बताया कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के साथ-साथ सामान और ईंधन के निर्बाध परिवहन की आवश्यकता भारत की सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है।
Had a conversation with Iranian President, Dr. Masoud Pezeshkian, to discuss the serious situation in the region.
— Narendra Modi (@narendramodi) March 12, 2026
Expressed deep concern over the escalation of tensions and the loss of civilian lives as well as damage to civilian infrastructure.
The safety and security of…
मोदी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''क्षेत्र में गंभीर स्थिति पर चर्चा के लिए मैंने ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेश्कियन से बातचीत की। मैंने तनाव बढ़ने, नागरिकों की जान जाने और असैन्य बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान पर गहरी चिंता व्यक्त की।'' प्रधानमंत्री ने शांति और स्थिरता के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया और संकट को समाप्त करने के लिए संवाद और कूटनीति का आग्रह किया। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, पेजेश्कियन ने प्रधानमंत्री मोदी को ईरान की मौजूदा स्थिति से अवगत कराया और क्षेत्र में हाल के घटनाक्रम पर अपना दृष्टिकोण साझा किया।
बयान में कहा गया है कि दोनों नेताओं ने संपर्क में रहने पर सहमति जताई। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है, जिसके माध्यम से भारत के ऊर्जा आयात का एक बड़ा हिस्सा आता है। दो दिन पहले, भारत आ रहे एक तेल टैंकर पर ईरानी सेना ने उस समय गोलीबारी की जब वह होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की कोशिश कर रहा था। पिछले महीने अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के खिलाफ शुरू किए गए समन्वित हमले के बाद प्रधानमंत्री ने पिछले 10 दिनों में कई पश्चिम एशियाई देशों के नेताओं से बात की है।
अमेरिका और इज़राइल के हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई मारे गए। इसके जवाब में ईरान ने इज़राइल और खाड़ी क्षेत्र में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइलों से हमला किया, जिनमें दुबई और दोहा जैसे वैश्विक व्यापार और विमानन केंद्र भी शामिल हैं।
इससे पहले मोदी ने ओमान, कुवैत, बहरीन, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), जॉर्डन, इज़राइल और कतर के नेताओं से बात की और उनके देशों पर हुए हमलों पर चिंता व्यक्त करते हुए कुछ देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के उल्लंघन की निंदा की। उन्होंने इन देशों में रहने वाले भारतीय समुदाय के कल्याण और सुरक्षा पर भी चर्चा की। खाड़ी देशों और पश्चिम एशिया में लगभग एक करोड़ भारतीय रहते हैं। इनमें से लगभग 10,000 भारतीय नागरिक ईरान में रहते हैं, जबकि 40,000 से अधिक इज़राइल में रहते हैं।
