वैज्ञानिकों ने की बड़ी भविष्यवाणी, यहां आएगा महाभूकंप, लाखों की जाएंगी जानें

punjabkesari.in Monday, Feb 17, 2025 - 03:11 PM (IST)

इंटरनेशनल डेस्क: हाल ही में ग्रीस के सेंटोरिनी द्वीप के पास आए भूकंपों ने दुनिया के कुछ हिस्सों में डर का माहौल पैदा कर दिया है। ग्रीस में सिर्फ़ दो हफ़्तों में लगभग 8,000 भूकंपों के झटके महसूस किए गए हैं। लेकिन यह सब एक और बड़े खतरे की चेतावनी भी दे रहा है, जो इस्तांबुल और इसके आसपास के इलाकों को प्रभावित कर सकता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि इस्तांबुल में एक महाभूकंप आने की संभावना है, जो न सिर्फ़ तुर्की बल्कि पूरे क्षेत्र को भारी नुकसान पहुंचा सकता है।

ग्रीस के तट पर सेंटोरिनी द्वीप के पास पिछले दो हफ़्तों में करीब 8,000 भूकंपों का पता चला है। यह लगातार आ रहे भूकंपों के झटके स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय बन गए हैं। वैज्ञानिकों ने इस इलाके में आपातकाल की स्थिति भी घोषित कर दी है, ताकि तैयारियां की जा सकें और संभावित नुकसान को कम किया जा सके। सेंटोरिनी दुनिया के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में से एक है, और इन भूकंपों ने यहां के रहने वालों और पर्यटकों में दहशत फैला दी है। हालाँकि इन भूकंपों का मुख्य केंद्र ग्रीस था, लेकिन इनका असर दुनिया भर में महसूस किया गया और कई वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी कि इस तरह के भूकंपों से बड़ी आपदा आ सकती है।

इस्तांबुल में महाभूकंप का डर

अब सबसे बड़ी चिंता इस्तांबुल के आस-पास के क्षेत्रों को लेकर है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस्तांबुल में महाभूकंप आने की आशंका बेहद प्रबल हो गई है। जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज के वैज्ञानिक मार्को बोहनहोफ का कहना है कि इस्तांबुल में लगभग हर 250 साल में बड़े भूकंप आते हैं और आखिरी भूकंप 1766 में आया था। इसका मतलब है कि अब यह क्षेत्र एक शक्तिशाली भूकंप के लिए तैयार है और यह किसी भी समय आ सकता है।

भूकंप का खतरा और इस्तांबुल की तैयारियां

वैज्ञानिकों के अनुसार, इस्तांबुल में अगले कुछ दशकों में एक बड़ा भूकंप आने की संभावना 80 प्रतिशत तक हो सकती है। यह चिंता और भी बढ़ जाती है जब हम देखते हैं कि इस्तांबुल की आबादी बहुत घनी है और यहां की इमारतें पुराने ढांचे की हैं, जो एक शक्तिशाली भूकंप के लिए पूरी तरह से असुरक्षित हैं। भूकंप विशेषज्ञ नासी गोरूर ने भी चेतावनी दी है कि अगर महाभूकंप आता है तो इस्तांबुल में 100,000 से अधिक इमारतें ढह सकती हैं और लाखों लोग मारे जा सकते हैं। उनका कहना है कि इस खतरे के बारे में न तो स्थानीय सरकार और न ही आम लोग पूरी तरह से जागरूक हैं।

इमारतों और बुनियादी ढांचे की स्थिति

इस्तांबुल की घनी आबादी और पुरानी इमारतें शहर के लिए एक बड़ी समस्या बन सकती हैं। यिल्डिज़ टेक्निकल यूनिवर्सिटी के भूविज्ञान के प्रोफेसर सुकरु एर्सय ने चेतावनी दी है कि इस्तांबुल भूकंप के लिए तैयार नहीं है। उनका कहना है कि यहां का बुनियादी ढांचा एक बड़े भूकंप का सामना नहीं कर सकता और अगर ऐसा होता है तो भारी नुकसान हो सकता है। तुर्की के शहरी विकास मंत्री मूरत कुरुम ने भी इस बात को स्वीकार किया है कि इस्तांबुल का बुनियादी ढांचा इस तरह के भूकंप का सामना करने के लिए तैयार नहीं है और इससे गंभीर नुकसान हो सकता है।

भूकंप की तैयारी और बचाव

वैज्ञानिकों का कहना है कि इस्तांबुल और अन्य भूकंप-प्रवण क्षेत्रों में इस खतरे से निपटने के लिए तुरंत कदम उठाने की जरूरत है। भवनों को भूकंप प्रतिरोधी बनाना, आपातकालीन बचाव योजनाओं की तैयारी और लोगों को भूकंप से बचने के उपायों के बारे में जागरूक करना बेहद जरूरी है। इसके अलावा, शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में काम करना होगा, ताकि भविष्य में होने वाली आपदाओं से निपटा जा सके।

 


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Content Editor

Ashutosh Chaubey

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