चार साल बाद भी मां को भूल नहीं पाए Sharib Hashmi, बोलें- आज भी उनकी आवाज सुनाई देती है
punjabkesari.in Friday, Aug 14, 2026 - 07:03 PM (IST)
Sharib Hashmi : अभिनेता शारिब हाशमी अपनी दिवंगत मां को उनकी चौथी पुण्यतिथि (14 अगस्त) पर याद करते हुए भावुक हो गए। अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर उनकी एक तस्वीर शेयर करते हुए उन्होंने कहा कि चार साल बाद भी उन्हें ऐसा लगता है जैसे उनकी मौजूदगी उनके आस-पास ही है।
शारिब ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर अपनी मां की एक तस्वीर शेयर की, जिसमें वह पीले रंग के पारंपरिक परिधान में थीं। उन्हें प्यार से याद करते हुए अभिनेता ने कहा कि वह उन्हें प्यार से मेरा राजा और मेरा चंदा कहकर बुलाती थीं और उन्होंने कहा कि उन्हें अभी भी उनकी आवाज सुनाई देती है।
शारिब ने लिखा, "अम्मी को गए हुए 4 साल हो गए, पर अभी भी लगता है जैसे कल ही की बात हो... 'मेरा राजा', 'मेरा चंदा' कहकर बुलाती थीं मुझको, अभी भी उनकी आवाज सुनाई देती है। शारिब ने अगस्त 2022 में 79 वर्ष की आयु में अपनी मां को खो दिया था।
शारिब हाशमी का वर्क फ्रंट
प्रोफेशनल फ्रंट की बात करें तो, शारिब ने 1990 के दशक के अंत में फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा और खबरों के अनुसार, शुरुआत में फिल्म 'हम तुम पे मरते हैं' में असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम किया। बाद में उन्होंने टेलीविजन में काम किया और MTV और Channel V जैसे चैनलों के लिए स्केच लिखे। उनके अभिनय का सफर छोटे-मोटे किरदारों से शुरू हुआ, जिसमें 2008 में डैनी बॉयल की ऑस्कर विजेता फिल्म 'स्लमडॉग मिलियनेयर' भी शामिल है, जिसमें उन्होंने प्रकाश की भूमिका निभाई थी। उसी साल वे 'हाल-ए-दिल' में भी नजर आए।
इसके बाद वे 2012 में यश चोपड़ा की 'जब तक है जान' में नजर आए, और फिर 'फिल्मिस्तान', 'बदमाशियां', 'फुल्लू', 'वोदका डायरीज', 'बत्ती गुल मीटर चालू', 'नक्काश', 'उजड़ा चमन', 'पगलेट', 'हेलमेट', 'धाकड़', 'मिशन मजनू', 'विक्रम वेधा', 'ज़रा हटके ज़रा बचके', 'तरला', 'फाइटर', 'शर्माजी की बेटी' और 'द डिप्लोमैट' जैसी फिल्मों में काम किया। उनके करियर में बड़ा मोड़ 2019 में आया, जब उन्हें राज और डीके की 'द फैमिली मैन' में मनोज बाजपेयी के किरदार श्रीकांत तिवारी के दोस्त और साथी, जेके तलपड़े के रोल के लिए चुना गया। वे प्रियदर्शन की फिल्म 'हैवान' में भी नजर आएंगे, जिसमें अक्षय कुमार और सैफ अली खान मुख्य भूमिकाओं में हैं।
