Peddi Review: राम चरण की दमदार परफॉर्मेंस ने बनाई फिल्म खास, जानिए कैसी है ‘पेड्डी’
punjabkesari.in Thursday, Jun 04, 2026 - 11:03 AM (IST)
फिल्म- पेड्डी (Peddi)
स्टारकास्ट- राम चरण (Ram Charan), जान्हवी कपूर (Janhvi Kapoor), शिव राजकुमार(Shiva Rajkumar) ,जगपति बाबू (Jagapathi Babu), दिव्येंदु शर्मा (Divyenndu Sharma), बोमन ईरानी (Boman Irani)
डायरेक्टर- बुच्ची बाबू सना (Buchi Babu Sana)
प्रोड्यूसर- वेंकट सतीश किलारू (Venkata Satish Kilaru)
रेटिंग- 3.5*
Peddi: राम चरण स्टारर पेड्डी आखिरकार आज सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। बुच्ची बाबू सना के निर्देशन में बनी इस फिल्म को वेंकट सतीश किलारू ने प्रोड्यूस किया है। खेल, संघर्ष और सामाजिक संदेश से भरपूर यह फिल्म एक ऐसे युवा की कहानी बयां करती है, जो अपने गांव को पहचान और सम्मान दिलाने के लिए हर चुनौती का सामना करने को तैयार है। क्रिकेट से लेकर कुश्ती के अखाड़े तक का उसका सफर सिर्फ उसकी व्यक्तिगत सफलता की कहानी नहीं, बल्कि पूरे गांव के अस्तित्व और अधिकारों की लड़ाई है। दमदार कलाकारों, भावनात्मक पलों और प्रेरणादायक कहानी से सजी पेड्डी दर्शकों को कितना प्रभावित करती है, आइए जानते हैं इस फिल्म के रिव्यू में।

कहानी
पेड्डी की कहानी राम चरण के किरदार पेड्डी के इर्द-गिर्द घूमती है, जो क्रिकेट का बेहतरीन खिलाड़ी है और इलाके में लोग उसे “पहाड़ी तिहारी” के नाम से जानते हैं क्योंकि वह तिहारी क्षेत्र में काम करता है। लेकिन उसकी सबसे बड़ी पीड़ा यह है कि उसका गांव सरकारी रिकॉर्ड और योजनाओं में लगभग अनदेखा है, जिसके कारण वहां के लोगों को बुनियादी सुविधाओं और विकास का लाभ नहीं मिल पाता। अपने गांव को पहचान दिलाने और उसकी आवाज़ को दुनिया तक पहुंचाने के लिए पेड्डी एक नया रास्ता चुनता है। वह कुश्ती सीखता है और खेल की दुनिया में बड़ा मुकाम हासिल करने का सपना देखता है, ताकि उसकी सफलता के साथ-साथ उसके गांव का नाम भी लोगों और सरकार की नजरों में आए। यह एक ऐसे युवा की प्रेरणादायक यात्रा है जो अपनी व्यक्तिगत पहचान से आगे बढ़कर पूरे गांव के सम्मान और अधिकारों के लिए संघर्ष करता है। अब क्या पेड्डी अपने सपने को पूरा कर पाएगा और अपने गांव को वह पहचान दिला सकेगा? इसका जवाब जानने के लिए आपको यह फिल्म देखनी होगी।

एक्टिंग
फिल्म में राम चरण ने पेड्डी पहलवान के किरदार में एक बार फिर साबित किया है कि वे भारतीय सिनेमा के सबसे दमदार और बहुमुखी अभिनेताओं में से एक हैं। उनका स्क्रीन प्रेजेंस, भावनात्मक गहराई और एक्शन अवतार दर्शकों को पूरी तरह बांधे रखता है। जान्हवी कपूर ने अचियम्मा के रूप में अपने किरदार को संवेदनशीलता और आत्मविश्वास के साथ निभाया है, जबकि शिवा राजकुमार ने गौरनायडु के किरदार में अपने अनुभव और प्रभावशाली अभिनय से कहानी को मजबूती दी है। जगपति बाबू ने अप्पलासूरी के रूप में शानदार अभिनय करते हुए किरदार में गहराई और गंभीरता जोड़ी है। दिव्येंदु शर्मा ने राम बुज्जी के रोल में अपनी सहज अभिनय शैली और प्रभावशाली संवाद अदायगी से अलग पहचान बनाई है। बोमन ईरानी ने हमेशा की तरह अपने परिपक्व और संतुलित अभिनय से प्रभावित किया है। बाकी सह कलाकारों ने भी अपने-अपने किरदार के साथ इंसाफ किया है।

डायरेक्शन
निर्देशक बुच्ची बाबू सना ने पेड्डी को बड़े कैनवास पर पेश करने की कोशिश की है और अधिकांश जगहों पर उनका निर्देशन प्रभावशाली नजर आता है। उन्होंने खेल, भावनाओं और सामाजिक मुद्दों के बीच अच्छा संतुलन बनाने का प्रयास किया है, जिससे कहानी दर्शकों से जुड़ती है। खासकर भावनात्मक और संघर्ष वाले दृश्यों को उन्होंने प्रभावी ढंग से फिल्माया है। हालांकि, फिल्म का पहला भाग कुछ जगहों पर थोड़ा खिंचा हुआ महसूस होता है और कुछ दृश्य अनावश्यक रूप से लंबे लगते हैं, जो दर्शकों को बोर कर सकते हैं। इसके बावजूद निर्देशक कहानी के मूल संदेश और किरदारों की भावनाओं को पर्दे पर प्रभावी तरीके से उतारने में काफी हद तक सफल रहते हैं।
