हो सकता है राम लला हमें कोई संदेश देना चाहते हों... राम मंदिर घोटाले पर छलका सिंगर Anuradha Paudwal का दर्द
punjabkesari.in Tuesday, Jul 14, 2026 - 01:17 PM (IST)
Anuradha Paudwal on Ram Mandir : अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित गड़बड़ी के मामले ने हाल के दिनों में देशभर में चर्चा और विवाद विवाद खड़ा कर दिया है। इस मामले में लोगों ने कड़ी नाराजगी जताई है और जांच के दौरान आठ लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है।
इसी बीच, प्रसिद्द भजन गायिका अनुराधा पौडवाल ने भी इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया दी। हाल ही में एक पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान उन्होंने अपने करियर, विवादों और भक्ति संगीत से जुड़े कई पहलुओं पर खुलकर बात की। जब उनसे राम मंदिर से जुड़े कथित घोटाले पर सवाल किया गया, तो उन्होंने इस बेहद दुखद बताते हुए कहा कि यह घटना किसी बड़े तमाचे से कम नहीं है।

राम मंदिर के लिए 500 साल तक इन्तजार किया
अनुराधा पौडवाल ने कहा कि राम मंदिर से जुड़ी यह खबर उनके लिए बेहद चौंकाने वाली थी। उनके मुताबिक, इस घटना ने उन्हें पूरी तरह स्तब्ध कर दिया और कुछ पल के लिए वह समझ ही नहीं पाईं कि आखिर ऐसा कैसे हो सकता है। उन्होंने कहा कि भारत में हजारों मंदिर हैं, जो करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र हैं लेकिन अयोध्या में रामलला का मंदिर पूरे देश की श्रद्धा और विश्वास का प्रतीक है।
इसके बाद उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं बल्कि करोड़ों लोगों की भावनाओं से जुड़ा हुआ है। राम मंदिर के निर्माण के लिए लोगों ने करीब 500 वर्षों रक इन्तजार किया और लंबे संघर्ष के बाद यह सपना पूरा हुआ इसलिए इस तरह की घटना लोगों की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाने वाली है।
राम के लिए आस्था कम हो गई
अनुराधा पौडवाल ने कहा क़ इस पूरे मामले ने उन्हें गहरा दुख पहुंचाया। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों ने उनसे कहा कि ऐसी घटनाओं से भगवान राम के प्रति लोगों की आस्था कम हो जाएगी। इस पर उन्होंने जवाब दिया कि इसमें भगवान राम की कोई गलती नहीं है, गलती इंसानों की है इसलिए इसका दोष भगवान को नहीं दिया जा सकता।
उन्होंने आगे कहा की शायद रामलला इस घटना के जरिए समाज को कोई महत्वपूर्ण संदेश देना चाहते हों। उनके मुताबिक, राम मंदिर का निर्माण देश के लिए गर्व और आस्था का प्रतीक माना गया था और इसे भारत के विश्वगुरु बनने की दिशा में एक अहम कदम समझा जा रहा था लेकिन इस तरह की घटना ने सभी को झकझोर दिया और यह किसी बड़े सदमे से कम नहीं थी।

सभी चोर अपने ही निकले...
अनुराधा पौडवाल ने कहा कि इस घटना के बाद उनके मन में गहरा डर पर निराशा पैदा हो गई थी। उन्होंने आत्ममंथन करते हुए महसूस किया कि जिस चीज से इंसान सबसे ज्यादा जुड़ाव रखता है, उसी से ठेस लगने पर सबसे अधिक दर्द होता है। पहले जिस उत्साह और श्रद्धा के साथ लोग राम मंदिर जाते थे, अब इस घटना ने उनके मन को भारी कर दिया है।
उन्होंने आगे कहा कि अगर किसी एक व्यक्ति की गलती सामने आती तो उसे जिम्मेदार ठहराया जा सकता था लेकिन जब अपने ही लोग इस तरह के आरोपों में घिर जाएं तो दुःख और बढ़ जाता है। उनके मुताबिक, ऐसा लगता है कि कुछ लोगों ने भक्ति और सेवा की भावना से नहीं बल्कि आर्थिक लाभ के उद्देश्य से
काम किया। उन्होंने कहा की सच्चे रामराज्य का अर्थ लोगों में आस्था, ईमानदारी और नैतिकता का जागना है लेकिन जब अपने ही विश्वास को ठेस पहुंचाते हैं, तो वह सबसे ज्यादा पीड़ादायक होता है।

