Review: सरकारी स्कूल की चुनौतियों को हंसी के अंदाज में बयां करती है ''आदर्श बाल विद्यालय'', हर एपिसोड दमदार
punjabkesari.in Friday, Jul 24, 2026 - 10:11 AM (IST)
सीरीज: आदर्श बाल विद्यालय (Adarsh Bal Vidyalaya)
कलाकार: केके मेनन (KK Menon) , अर्चना पूरन सिंह (Archana Puran Singh), देवेन भोजानी (Deven Bhojani) , नवीन कस्तूरिया (Naveen Kasturia) , प्रसन्ना बिष्ट (Prasanna Bisht) और अभिमन्यु सिंह (Abhimanyu Singh)
निर्देशक: हिमांक गौर (Himank Gaur)
ओटीटी: प्राइम वीडियो (Prime Video)
रेटिंग : 3.5*
Adarsh Bal Vidyalaya: सरकारी स्कूलों की बदहाल व्यवस्था, संसाधनों की कमी और शिक्षा व्यवस्था की चुनौतियों को हल्के-फुल्के अंदाज में पेश करने वाली कॉमेडी-ड्रामा सीरीज आदर्श बाल विधालय आज से प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम हो रही है। केके मेनन स्टारर यह सीरीज़ हंसी, भावनाओं और प्रेरणा का बेहतरीन मिश्रण है। आइए जानते हैं 7 एपिसोड की इस सीरीज में क्या खास है।

कहानी
दिल्ली के टिंकी टोली इलाके में स्थित एक जर्जर सरकारी स्कूल 'आदर्श बाल विद्यालय' की कहानी इस सीरीज का केंद्र है। स्कूल में संसाधनों की कमी, अव्यवस्था और कमजोर पढ़ाई के कारण उसका बोर्ड रिजल्ट हमेशा निराशाजनक रहता है। ऐसे में स्कूल के हेडमास्टर ज्ञानेश्वर त्रिपाठी (केके मेनन) के सामने एक सुनहरा मौका आता है। सरकार एक योजना की घोषणा करती है कि जिस सरकारी स्कूल का बोर्ड परीक्षा परिणाम सबसे बेहतर होगा, उसके प्रिंसिपल को कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी जाने का अवसर मिलेगा। यह खबर सुनते ही ज्ञानेश्वर त्रिपाठी अपने इस सपने को पूरा करने के लिए पूरी ताकत झोंक देते हैं। वह न सिर्फ खुद मेहनत करते हैं, बल्कि स्कूल के शिक्षकों और छात्रों को भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करते हैं।

हालांकि, उनका यह सफर बिल्कुल आसान नहीं होता। संसाधनों की कमी, शरारती छात्र, लापरवाह व्यवस्था और रोज़मर्रा की कई चुनौतियां उनके रास्ते में बार-बार रुकावट बनकर खड़ी होती हैं। अब क्या स्कूल का रिजल्ट अच्छा आएगा क्या हेडमास्टर विदेश जा पाएंगे... जानने के लिए आपको यह सीरीज देखनी होगी।

अभिनय
वेब सीरीज़ की सबसे बड़ी खूबियों में इसकी दमदार स्टारकास्ट भी शामिल है। केके मेनन, अर्चना पूरन सिंह, नवीन कस्तूरिया, प्रसन्ना बिष्ट, देवेन भोजानी, अभिमन्यु सिंह समेत सभी कलाकार अपने-अपने किरदारों में पूरी तरह रचे-बसे नजर आते हैं। हेडमास्टर ज्ञानेश्वर त्रिपाठी के रूप में केके मेनन ने शानदार अभिनय किया है और अपने सहज अंदाज से किरदार को जीवंत बना दिया है। पार्टी कार्यकर्ता के रोल में अर्चना पूरन सिंह का दमदार स्क्रीन प्रेजेंस प्रभावित करता है। वहीं 'गोल्डी' के किरदार में देवेन भोजानी अपनी बेहतरीन कॉमिक टाइमिंग और शानदार अभिनय से खूब मनोरंजन करते हैं। नवीन कस्तूरिया, प्रसन्ना बिष्ट, अभिमन्यु सिंह और स्कूल के अन्य शिक्षकों की भूमिका निभाने वाले कलाकार भी अपने किरदारों के साथ पूरा न्याय करते हैं। इसके अलावा यह सीरीज बिना बच्चों के सफल हो ही नहीं पाती इस सीरीज में रोल निभाने वाले चाइल्ड आर्टिस्ट कमाल हैं। बच्चों ने बेहद अच्छा काम किया है।

राइटिंग और निर्देशन
वेब सीरीज का निर्देशन हिमांक गौर ने किया है। सीरीज़ का निर्देशन और लेखन इसकी सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरता है। कहानी सरकारी स्कूलों की बदहाल व्यवस्था, सरकारी नियमों की जटिलताओं, संसाधनों की कमी, बच्चों और उनके परिवारों की रोज़मर्रा की परेशानियों को बेहद वास्तविक और संवेदनशील तरीके से सामने लाती है। इसके साथ ही शानदार पंचलाइन, बेहतरीन कॉमिक टाइमिंग और दमदार संवाद हर दृश्य को मनोरंजक बना देते हैं। सबसे खास बात यह है कि हर एपिसोड एक नई कहानी और नए संघर्ष के साथ आता है, जिससे दर्शकों की दिलचस्पी अंत तक बनी रहती है। हास्य और भावनाओं का संतुलन इतना सटीक है कि सीरीज़ न केवल हंसाती है, बल्कि सरकारी शिक्षा व्यवस्था की सच्चाई पर सोचने के लिए भी मजबूर करती है।
